जिला जी पी एम के आदिवासी वनांचल ब्लॉक मरवाही के चार शिक्षकों ने किया अपने जिले को गौरवांवित

जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी एवं मरवाही विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री संजय वर्मा ने शिक्षकों को दी बधाई।
यह सम्मान समारोह 26 सितंबर 2026 को कलिंगा यूनिवर्सिटी नया रायपुर में आयोजित किया गया।

सम्मान समारोह में श्रीमती अर्चना सामुएल मसीह शिक्षक ,श्री ऐशले कैनिथ डगलस व्याख्याता ,श्री संतोष प्रजापति शिक्षक तथा श्रीमती नलिनी राय सहायक शिक्षक को छत्तीसगढ़ शासन शिक्षा आयोग के अध्यक्ष श्री सुधीर गौतम एवं कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुल सचिव डॉ संदीप गांधी, शिक्षा विद डॉ अनिल कुमार प्रधान तथा एम डी एजुकेशन सोसाइटी के कर कमलों से सम्मान प्रदान किया गया।

श्रीमती अर्चना सामुएल मसीह राज्यपाल पुरस्कृत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगुरदा तथा डॉ ऐशले कैनिथ डगलस व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगरार दोनों ही शिक्षकों को स्काउट गाइड में भी राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। विद्यालय में विद्यार्थियों को शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए, नियमित उपस्थिति के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करना,नशा मुक्ति जागरूकता, स्वच्छता अभियान, शैक्षिक सामग्री, शैक्षिक भ्रमण, विद्यालय में समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करना स्काउट गाइड ,रेड क्रॉस सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यालयों तथा जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों का सर्वांगीण विकास का केंद्र तथा सेवा कार्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वही श्री संतोष प्रजापति शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला करहनी तथा श्रीमती नलिनी राय शासकीय प्राथमिक शाला लोहारी इन शिक्षकों ने भी शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार टी एल निर्माण, कबाड़ से जुगाड़ व अनेक रोचक गतिविधियों के साथ कार्य को करके रोचक ता पूर्ण अध्यापन शैली को तैयार किया।

इन शिक्षकों ने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे संस्कार, अनुशासन, नवाचार, सामाजिक जागरुकता ,और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया है। यह सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का नहीं बल्कि उन सभी विद्यार्थियों , पालकों, विद्यालय परिवार, सहयोगियों और शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों का सम्मान है।

इन शिक्षकों के लिए सम्मान उनके लिए मंजिल नहीं बल्कि आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा एवं जिम्मेदारी है। शिक्षकों का यह प्रयास आगे भी ग्रामीण एवं सुदूर आदिवासी वनांचल के बच्चों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार ,शारीरिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विभिन्न अवसर उपलब्ध कराने तथा प्रतियोगिताओं में सहभागिता और आत्मविश्वास बढ़ाने का रहेगा।

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