GPM जिले में खाद्य विभाग की सख्ती, एनालॉग पनीर की खरीदी-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर 3 साल की सजा

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होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को साफ-सफाई और तेल के रीयूज को लेकर दिए निर्देश

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग द्वारा 7 अगस्त को होटल कला निकेतन, गौरेला में जिले के समस्त होटल, डेयरी, रेस्टोरेंट, सड़क किनारे स्टॉल और शादी भवनों के संचालकों की बैठक ली गई।

बैठक में अभिहित अधिकारी श्रीमती अपर्णा आर्या ने व्यापारियों को शासन के निर्देशों से अवगत कराते हुए बताया कि एनालॉग पनीर की खरीदी-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि कोई इसका उपयोग करते पाया जाता है तो 3 साल तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है।

आगामी त्योहारों 15 अगस्त और रक्षाबंधन को देखते हुए उन्होंने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और निर्मित खाद्य सामग्रियों में स्वच्छता बरतने के निर्देश दिए।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती भारती शांडिल्य ने तेल के दोबारा उपयोग (रियूज) को लेकर शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तलने के लिए उपयोग होने वाले तेल को तीन बार से अधिक इस्तेमाल न करें। बचे हुए तेल को शासन की योजना के तहत एकत्र कर वापस बेचने की व्यवस्था के बारे में भी बताया गया। साथ ही खुले खाद्य पदार्थों को ढककर रखने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में होटल संघ के जिला अध्यक्ष शशांक कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष निखिल गुप्ता, महामंत्री अमित साहू, कोषाध्यक्ष अंकुर जैन सहित अखिल गोयल, नितिन छाबरिया, संतोष तिवारी, शिव साहू (कान्हा स्वीट्स), रवि साहू (बाबा बेकरी), पंकज ताम्रकार, राजोल जायसवाल, सुभाष कश्यप, अमन राय, जय छाबरिया, कौस्तुभ दुबे, हनी माधवानी, देवेंद्र गुप्ता, सावन जैन, आयुष जैन, कृष्णा डेयरी गौरेला, छोटू ताम्रकार, शुक्ला डेयरी, हेमंत वाघे (देवभोग डेयरी), मिंटू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

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