चक्रधरपुर। झारखंड अग्निशमन सेवा के तत्वावधान में 14 से 20 अप्रैल तक मनाए जा रहे अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में शनिवार को फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आपातकालीन स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
स्वास्थ्यकर्मियों को सिखाए गए आग बुझाने के तकनीकी गुर
अग्निशमन विभाग की टीम ने डॉ. सुब्रत कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में डॉक्टरों, नर्सों, पारा मेडिकल स्टाफ, कैंटीन और सफाईकर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की जानकारी दी। मॉक ड्रिल का नेतृत्व फायर अधिकारी राम खिलावन चौधरी ने किया, जबकि रामस्वरूप यादव, मनोज मोहन सिंह और अमन कुजूर ने सहयोग किया।

आग के प्रकार और बचाव की विस्तृत जानकारी
फायर ऑफिसर राम खिलावन चौधरी ने बताया कि आग को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा गया है—
A श्रेणी: ठोस वस्तुओं से लगने वाली आग
B श्रेणी: तरल पदार्थों से लगने वाली आग
C श्रेणी: गैस (जैसे एलपीजी) से लगने वाली आग
D श्रेणी: धातु (मेटल) से उत्पन्न आग, जो औद्योगिक क्षेत्रों में होती है
उन्होंने बताया कि अलग-अलग प्रकार की आग को बुझाने के लिए अलग-अलग फायर एक्सटिंग्विशर जैसे ड्राई केमिकल पाउडर, CO₂ और वाटर CO₂ का उपयोग किया जाता है।
व्यावहारिक अभ्यास से दिया गया प्रशिक्षण
अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया और आपात स्थिति में सही तरीके से आग पर नियंत्रण पाने की प्रक्रिया समझाई।
रेलवे अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर भी मॉक ड्रिल
इस अवसर पर रेलवे अस्पताल के अलावा कांसेप्ट पब्लिक स्कूल और वी-2 मॉल में भी अग्निशमन विभाग द्वारा मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया गया, जिसमें लोगों को आग से बचाव और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में सीएमएस डॉ. सुब्रत कुमार मिश्रा, एसीएमएस डॉ. जी. सोरेन, सुष्मा अनिता सांगा, डॉ. एस. सामद, डॉ. श्याम सोरेन, डॉ. राकेश तांडी, डॉ. प्रिंसी एम, एएनओ शिखा मजूमदार, हेड नर्स मंजू तिर्की, सीनियर नर्स जयंती सुंडी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
