सूरजपुर जिला मुख्यालय में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। नवापारा मेन रोड स्थित कलेक्टर आवास और जिला अस्पताल के सामने सरकारी जमीन पर दुकानों का निर्माण किए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
संवेदनशील क्षेत्र में बेखौफ निर्माण
जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, वहां से रोजाना प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं। इसके बावजूद दिनदहाड़े निर्माण कार्य जारी रहना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
स्थगन आदेश के बाद भी नहीं रुका काम
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती दौर में ही राजस्व विभाग सख्ती दिखाता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अब हालात यह हैं कि अवैध निर्माण लगभग पूरा होने की स्थिति में पहुंच गया है।
सबसे गंभीर बात यह है कि राजस्व विभाग द्वारा स्थगन आदेश जारी किए जाने के बाद भी निर्माण कार्य जारी है, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल
शहर के अन्य इलाकों में अतिक्रमण के मामलों में त्वरित कार्रवाई देखने को मिलती है, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
तहसीलदार ने दी सफाई
मामले में तहसीलदार ने बताया कि शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण की जानकारी मिलते ही संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया है और फिलहाल निर्माण पर रोक के आदेश लागू हैं। साथ ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

