चक्रधरपुर डीआरएम कार्यालय में रेल प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त बैठक में अहम फैसला
चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल में रेल पटरियों पर दुर्घटना या खुदकुशी के बाद शव हटाने में होने वाली देरी और उससे ट्रेनों की बढ़ती लेटलतीफी को लेकर रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को चक्रधरपुर डीआरएम सभागार में रेल प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और झारखंड-ओड़िशा रेलवे शासकीय पुलिस (GRP) की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें रेल पटरी से शव हटाने की प्रक्रिया को तेज और जिम्मेदार बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक चक्रधरपुर रेल मंडल प्रबंधक तरुण हुरिया की अनुपस्थिति में अपर मंडल रेल प्रबंधक अनूप पटेल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. शंकर कुट्टी ने कहा कि रेल दुर्घटनाओं और आत्महत्या के मामलों में साक्ष्य संकलन के कारण कई बार शव लंबे समय तक पटरी पर पड़े रहते हैं, जिससे ट्रेनों को घटनास्थल पर रोकना पड़ता है और यात्री ट्रेनों के साथ-साथ महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होती है।
लोको पायलट और गार्ड को भी निभानी होगी भूमिका
बैठक में रेलवे द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके तहत जिस ट्रेन से दुर्घटना होती है या जिसके सामने आत्महत्या की घटना होती है, उस ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड को शव का वीडियो बनाने और अलग-अलग एंगल से फोटो लेकर आवश्यक रिकॉर्ड तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि ट्रेन को अधिक देर तक रोके बिना आगे बढ़ाया जा सके।
फिलहाल पटरी से शव हटाने की जिम्मेदारी केवल पुलिस पर होती है, लेकिन अब इस प्रक्रिया में रेलवे स्टाफ की भूमिका भी तय करने पर सहमति बनी है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में जीआरपी को आती है दिक्कत
टाटानगर रेलवे शासकीय पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार ने बैठक में कहा कि कई हादसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में होते हैं, जहां मौके तक पहुंचने में जीआरपी को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि रेलवे शासकीय पुलिस के पास सीमित संसाधन और कम स्टाफ होने के कारण घटनास्थल तक तत्काल पहुंच पाना कई बार संभव नहीं हो पाता।
उन्होंने कहा कि कई किलोमीटर दूर स्थित रेल पटरियों तक पहुंचने में समय लगने के कारण शव हटाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिसका असर सीधे ट्रेन परिचालन पर पड़ता है।
जल्द जारी होगा संयुक्त प्रक्रिया आदेश
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. शंकर कुट्टी ने बताया कि रेल प्रशासन, जीआरपी और आरपीएफ की साझा जिम्मेदारी तय करने के लिए जल्द ही एक संयुक्त प्रक्रिया आदेश (Joint Procedure Order) जारी किया जाएगा। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनास्थल से शव को शीघ्र हटाकर रेल यातायात को सामान्य करना होगा, ताकि यात्रियों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एडीआरएम (ऑपरेशन) अनूप पटेल, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. शंकर कुट्टी, वरिष्ठ डीओएम मनीष पाठक, वरिष्ठ डीईई (ऑपरेशन) सुजीत कुमार, एसआरपी टाटानगर अजीत कुमार, डीएसआरपी राउरकेला, चक्रधरपुर और सरायकेला के एसडीपीओ मोहम्मद मुस्ताक हाशमी एवं समीर सवैयां, डीएसपी जमशेदपुर (लॉ एंड ऑर्डर) तौकीर आलम, डीएससी अमरेश चंद्र सिन्हा, सीआई राम प्यारे राम, टाटानगर और राउरकेला के एएससी, चक्रधरपुर जीआरपी थाना प्रभारी सुहैल खान, आरपीएफ थाना प्रभारी कमलेश सोरेन, अजय सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
