प्रतीक मल्लिक ✍️
धर्मजयगढ़ कॉलोनी के निवासी बरसात के दिनों में जल भराव की समस्या से लंबे समय से जूझ रहे थे। बारिश के दौरान सड़कों और घरों के आसपास पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा नाली निर्माण कार्य शुरू किया गया है।
हालांकि, समस्या के निराकरण के उद्देश्य से शुरू किए गए इस कार्य में भी लापरवाहियां सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली का निर्माण सीधा न करके टेढ़े-मेढ़े ढंग से किया जा रहा है। इससे उन्हें आशंका है कि बरसात का पानी सुचारू रूप से नहीं बह पाएगा और जल निकासी की समस्या पहले की तरह बनी रह सकती है।

निर्माण कार्य के दौरान कुछ निवासियों के घर नाली के मार्ग में आने के कारण तोड़े गए, जबकि अन्य घरों को नाली का रास्ता मोड़कर बचा लिया गया। इससे प्रभावित लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। वे प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने निर्माण से जुड़ी समस्याओं और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को लेकर जिम्मेदार इंजीनियर से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कॉलोनीवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।

कॉलोनी के लोग इस पूरे मामले को लेकर आक्रोशित हैं और मांग कर रहे हैं कि नाली निर्माण कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि बरसात के दिनों में उन्हें दोबारा जल भराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

