संसद में कई अहम विधेयकों पर चर्चा, जन विश्वास बिल पर तीखी बहस; अमरावती को स्थायी राजधानी बनाने का विधेयक पास

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नई दिल्ली। बुधवार को संसद के दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया देखने को मिली। जहां राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़ा विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ, वहीं लोकसभा में कई विधेयकों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।


🔹 राज्यसभा में CAPF प्रबंधन विधेयक पारित

राज्यसभा ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के सेवा शर्तों और पदोन्नति से जुड़े सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से मंजूरी दी। सरकार ने कहा कि इस कानून से बलों का बेहतर प्रबंधन और कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी।


🔹 जन विश्वास विधेयक पर गरम बहस

लोकसभा में ‘जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026’ पर जोरदार बहस हुई।

  • भाजपा ने इसे सुधारात्मक कदम बताते हुए कहा कि यह हजार से अधिक छोटे अपराधों को अपराधमुक्त कर कारोबारी माहौल को आसान बनाएगा।
  • विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने इसे “भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला” बताया और आरोप लगाया कि इससे जवाबदेही कमजोर होगी।

🔹 FCRA संशोधन विधेयक पर भी टकराव

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भी सदन में बहस हुई।

  • भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए जरूरी बताया।
  • विपक्ष ने कहा कि इससे एनजीओ और अल्पसंख्यक संगठनों पर नियंत्रण बढ़ेगा।

🔹 अमरावती को स्थायी राजधानी का रास्ता साफ

लोकसभा ने आंध्र प्रदेश की अमरावती को राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी। इसे राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की राजनीतिक और प्रशासनिक योजना के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।


🔹 राजनीतिक बयानबाजी तेज

लोकसभा में बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने तेदेपा सदस्यों को चेतावनी देते हुए भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर टिप्पणी की, जिस पर सदन में राजनीतिक माहौल और गरम हो गया।


🔹 रेलवे सुरक्षा पर सरकार का दावा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे इतिहास में सबसे कम 16 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। उन्होंने इसे रेलवे सुधारों और निवेश का परिणाम बताया।


🔹 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • एनडीपीएस अधिनियम के तहत 2023 में सबसे अधिक मामले केरल में दर्ज हुए।
  • केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर सबसे आगे रहा।
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