Dhamtari News: कुरुद की चंडी माई के दरबार में नौ दिनों तक गूंजेगी भक्ति, 1000 साल पुरानी आस्था की मान्यता

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शारदीय नवरात्र पर देवी दर्शन के लिए उमड़ेगी श्रद्धा, भव्य मंदिर में आज भी सुरक्षित है मूल प्रतिमा और पारंपरिक पूजा पद्धति; प्राचीन बावड़ी का इतिहास अब भी रहस्य

कुरुद। शारदीय नवरात्र के पहले दिन से कुरुद स्थित चंडी माई मंदिर में नौ दिनों तक भक्ति और श्रद्धा का विशेष माहौल रहेगा। नवरात्र के दौरान देवी दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, चंडी माई के दरबार में आस्था की परंपरा करीब एक हजार वर्ष पुरानी मानी जाती है।

भव्य मंदिर, लेकिन आज भी मूल प्रतिमा के प्रति गहरी आस्था

बीते कुछ दशकों में मंदिर को भव्य स्वरूप दिया गया है। इसके बावजूद गर्भगृह में विराजित देवी की मूल प्रतिमा और पारंपरिक पूजा पद्धतियां आज भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती हैं। भक्तों की आस्था और धार्मिक परंपराओं के कारण चंडी माई का दरबार क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखता है।

प्राचीन बावड़ी के इतिहास पर अब भी सवाल

मंदिर परिसर के पास स्थित प्राचीन बावड़ी भी लोगों के आकर्षण और जिज्ञासा का केंद्र है। इस बावड़ी के निर्माण, इसकी प्राचीनता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसके चलते इसका इतिहास आज भी अनसुलझा बना हुआ है।

नवरात्र में दिखेगा श्रद्धा और परंपरा का संगम

शारदीय नवरात्र के नौ दिनों में चंडी माई मंदिर में पूजा-अर्चना और देवी भक्ति का विशेष महत्व रहेगा। पुरानी आस्था, पारंपरिक पूजा पद्धति और प्राचीन बावड़ी से जुड़ी जिज्ञासा इस मंदिर को धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से खास बनाती है।

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