अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, जनभागीदारी और जनसेवा पर रहेगा जोर
बिलासपुर, 16 सितंबर 2026। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री अरुण साव ने बुधवार को प्रदेश के नगरीय निकायों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन से आयोजित बैठक में उन्होंने अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों, विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। बैठक में प्रदेश के नगर निगमों के महापौर एवं आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हुए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों को अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित करने को कहा। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को आम नागरिकों से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अभियान की गतिविधियों में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सके।
गतिविधियों की फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग पर जोर
बैठक में अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रमों और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक आयोजन की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए तथा उपयोगी सामग्री की रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाए।
उन्होंने योजनाओं से लाभान्वित लोगों के जीवन में आए बदलावों को भी सामने लाने के निर्देश दिए। इसके लिए वास्तविक लाभार्थियों की कहानियों, उपलब्धियों और गतिविधियों को रिकॉर्ड कर डिजिटल माध्यमों से प्रचारित करने पर जोर दिया गया।
कई गतिविधियां होंगी आयोजित
बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा की कहानी’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा-मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ कार्यक्रम के साथ प्रस्तावित है।
‘सेवा सेतु अभियान’ से योजनाओं तक पहुंचाने पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा की कहानी’ के तहत वास्तविक लाभार्थियों के अनुभव और योजनाओं से हुए बदलावों को व्यापक स्तर पर सामने लाने के निर्देश दिए। वहीं ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा योजनाओं से संबंधित जानकारी और सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने को कहा।
स्वच्छता अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश
बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ के तहत होने वाली गतिविधियों को भी जनभागीदारी के साथ संचालित करने पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कार्यक्रमों को व्यापक जनअभियान का स्वरूप देने पर जोर दिया।
उन्होंने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान करने को कहा।
पहले और बाद की स्थिति दर्ज करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने ऐसे स्थानों और क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकें। उन्होंने अभियान से पहले और बाद की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने को कहा, ताकि स्वच्छता कार्यों से हुए बदलावों को स्पष्ट रूप से सामने लाया जा सके।
उन्होंने सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर और अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे।




