नई दिल्ली। Securities and Exchange Board of India ने निवेशकों के लिए बड़ा नियम लागू करते हुए डीमैट अकाउंट को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। अब यदि कोई निवेशक समय पर अपने डीमैट अकाउंट को आधार से लिंक नहीं करता है, तो उसका अकाउंट फ्रीज किया जा सकता है और वह किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएगा।
नियम का उद्देश्य और असर क्या होगा
SEBI के इस फैसले का मकसद निवेश प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। आधार लिंकिंग से फर्जी खातों पर रोक लगेगी और वास्तविक निवेशकों की पहचान सुनिश्चित होगी। इससे शेयर बाजार में धोखाधड़ी की संभावनाएं भी कम होंगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया को बनाया गया आसान
डीमैट अकाउंट को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल रखी गई है। निवेशक NSDL या CDSL की वेबसाइट पर जाकर “Link Aadhaar with Demat Account” विकल्प के माध्यम से कुछ आसान स्टेप्स में यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
OTP वेरिफिकेशन से होगा पूरा काम
प्रक्रिया के दौरान निवेशक को DP ID, Client ID और PAN जैसी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर OTP आएगा, जिसे दर्ज कर वेरिफिकेशन किया जाएगा। फिर आधार नंबर दर्ज करने के बाद UIDAI द्वारा भेजे गए OTP से प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आधार लिंकिंग के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, डीमैट अकाउंट डिटेल, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जरूरी होंगे।
तुरंत मिलेगा कन्फर्मेशन
प्रक्रिया पूरी होने के बाद निवेशक को SMS और ईमेल के जरिए पुष्टि मिल जाएगी। आमतौर पर यह प्रक्रिया तुरंत पूरी हो जाती है, लेकिन किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में ऑफलाइन सहायता भी ली जा सकती है।
