बिलासपुर में सड़क हादसों पर सख्ती: हेलमेट को लेकर कलेक्टर की अपील, सरकारी दफ्तरों में जागरूकता अभियान तेज

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बिलासपुर, 17 जून 2026। जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही मौतों को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। सड़क हादसों में सिर पर गंभीर चोट लगने से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब प्रशासन ने हेलमेट के उपयोग को अनिवार्य रूप से बढ़ावा देने की अपील की है।


हर साल 300 के करीब मौतें, चिंता बढ़ी

जिले में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 300 लोगों की असमय मौत हो रही है। वर्ष 2025 में भी यह आंकड़ा लगभग इसी स्तर पर दर्ज किया गया। जांच में सामने आया है कि अधिकतर मौतें सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुईं, जिन्हें हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता था।


कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों से की अपील

जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे स्वयं हेलमेट का उपयोग करें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें।
इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में हेलमेट जागरूकता को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।


दफ्तरों में हेलमेट जागरूकता अनिवार्य

प्रशासन ने सभी विभाग प्रमुखों को जिम्मेदारी दी है कि:

  • कर्मचारियों को हेलमेट उपयोग के लिए प्रेरित करें
  • दफ्तर आने वाले नागरिकों को जागरूक करें
  • बिना हेलमेट आने वालों पर निगरानी रखें

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्ती

मोटर यान अधिनियम 1988 के अनुसार दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना कानूनी रूप से अनिवार्य है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।


विशेषज्ञों की राय: हेलमेट बचा सकता है जान

डॉक्टरों और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार हेलमेट दुर्घटना के दौरान सिर की गंभीर चोटों से सुरक्षा प्रदान करता है और मृत्यु की संभावना को काफी हद तक कम कर देता है।


“परिवारों को बचाने के लिए हेलमेट जरूरी” – प्रशासन

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भावुक अपील की है कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती हैं। इसलिए:

  • स्वयं हेलमेट पहनें
  • परिवार और दोस्तों को प्रेरित करें
  • सुरक्षित यात्रा को आदत बनाएं
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