बकाया बिजली बिल पर सख्ती: बिलासपुर में 5 हजार स्ट्रीट लाइटें बंद, अब सरकारी दफ्तरों पर भी कटौती की तलवार

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अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, छत्तीसगढ़

बिलासपुर। शहर में भारी-भरकम बकाया बिजली बिलों की वसूली को लेकर विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। विभाग की कार्रवाई का असर अब शहर की बुनियादी सुविधाओं पर भी दिखाई देने लगा है। 15 से अधिक प्रमुख स्थानों के बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 5 हजार स्ट्रीट लाइटें बंद हो गई हैं। इससे रात के समय कई सड़कों और प्रमुख इलाकों में अंधेरा छा रहा है।

प्रमुख इलाकों में स्ट्रीट लाइट बंद

विनोबा नगर, विद्या नगर, सरकंडा, व्यापार विहार और लिंक रोड सहित कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने की बात सामने आई है। मुख्य मार्गों और चौराहों पर रोशनी नहीं होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर रात के समय सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

20 हजार से ज्यादा सरकारी कनेक्शन रडार पर

स्ट्रीट लाइटों के बाद अब विद्युत विभाग की नजर बकायेदार सरकारी विभागों पर है। जानकारी के मुताबिक संभाग के करीब 100 सरकारी विभागों के 20,577 बिजली कनेक्शन बकाया राशि के दायरे में हैं।

विभाग की ओर से पुराने बकाए के साथ आगामी तीन महीने की अग्रिम सुरक्षा राशि जमा करने की शर्त रखी गई है। तय समय में भुगतान नहीं होने पर सोमवार से सरकारी कनेक्शनों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

तहसील से स्वास्थ्य केंद्र तक बढ़ी चिंता

संभावित बिजली कटौती को लेकर तहसील कार्यालय, कलेक्टोरेट की शाखाओं, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी संस्थानों में भी चिंता बढ़ गई है। यदि सरकारी कार्यालयों के कनेक्शन काटे जाते हैं तो इसका सीधा असर सरकारी कामकाज और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ सकता है।

नगर निगम पर करीब 310 करोड़ का बकाया

बकाया बिजली बिल के मामले में बिलासपुर नगर निगम पर सबसे बड़ी देनदारी बताई जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निगम पर करीब 309 करोड़ 94 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। इस मामले में बिलासपुर नगर निगम रायपुर के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर बताया जा रहा है।

समाधान नहीं निकला तो बढ़ सकती है परेशानी

बिजली विभाग की सख्ती के बीच प्रशासनिक स्तर पर बकाया राशि के भुगतान को लेकर समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं। अब देखना होगा कि तय समयसीमा के भीतर आवश्यक राशि जमा होती है या नहीं। यदि भुगतान नहीं हुआ तो स्ट्रीट लाइटों के बाद सरकारी कार्यालयों पर भी बिजली कटौती की कार्रवाई हो सकती है, जिससे आम जनता के साथ सरकारी कामकाज भी प्रभावित होने की आशंका है।

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