अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
विधानसभा के सर्वसम्मत संकल्प की अनदेखी का आरोप, कांग्रेस ने आवंटन रद्द करने की मांग की
रायपुर। हसदेव अरण्य क्षेत्र में तारा कोल ब्लॉक के आवंटन को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार आदिवासी हितों और पर्यावरण की कीमत पर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने तारा कोल ब्लॉक का आवंटन तत्काल रद्द करने की मांग की है।
2022 के विधानसभा संकल्प की याद दिलाई
दीपक बैज ने कहा कि वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सभी 90 विधायकों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हसदेव अरण्य क्षेत्र में नए कोल ब्लॉकों के खनन पर रोक लगाने का सर्वसम्मत संकल्प पारित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सरकार इस संकल्प की भावना के विपरीत तारा कोल ब्लॉक से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
बैज ने इसे विधानसभा की गरिमा और क्षेत्र के लोगों की भावनाओं की अनदेखी बताया।
पेसा और ग्राम सभाओं के अधिकारों को लेकर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हसदेव क्षेत्र में स्थानीय आदिवासियों और ग्राम सभाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की भूमिका और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
जंगल और पर्यावरण को लेकर जताई चिंता
दीपक बैज ने हसदेव अरण्य को छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में शामिल बताते हुए कोयला खनन से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होने से जैव विविधता के साथ-साथ मानव-हाथी संघर्ष जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
‘कॉरपोरेट हितों’ को लेकर सरकार पर निशाना
बैज ने भाजपा सरकार के विकास मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कुछ चुनिंदा उद्योगों और कंपनियों के हित में किया जा रहा है, जबकि स्थानीय आदिवासी समुदायों के अधिकार और हित पीछे छूट रहे हैं।
आवंटन रद्द नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने राज्य और केंद्र सरकार से तारा कोल ब्लॉक का आवंटन तत्काल निरस्त करने की मांग की है। दीपक बैज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर अपना रुख नहीं बदला तो कांग्रेस स्थानीय आदिवासी समुदायों और पर्यावरण समर्थकों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी। तारा कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस के इस रुख से आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में मुद्दे के और गरमाने के संकेत हैं।




