जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में बाल सुरक्षा पर हुई व्यापक समीक्षा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में बुधवार 17 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCPC) की महत्वपूर्ण बैठक अरपा सभा कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
71 ग्राम पंचायत और 2 नगरीय निकाय घोषित हुए बाल विवाह मुक्त
बैठक में बताया गया कि ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत जिले के दोनों नगरीय निकायों और 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया है। यह जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
जनजागरूकता से रोके गए 30 बाल विवाह
जागरूकता अभियानों और प्रशासनिक सक्रियता के चलते जिले में अब तक 30 बाल विवाह रोके जा चुके हैं। वहीं एक गंभीर मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है, जो प्रशासन की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बैठक में निर्देश दिए कि बाल कल्याण समिति के लंबित 47 प्रकरणों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
चाइल्ड हेल्पलाइन और भिक्षावृत्ति उन्मूलन पर विशेष जोर
बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। साथ ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भिक्षावृत्ति उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
कई अधिकारी और समिति सदस्य रहे मौजूद
बैठक में अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, प्रभारी पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी बिरेंद्र कुर्रे, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सुचंद्र तिवारी, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य दिनेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित रहे। इनमें कृष्ण कुमार साहू, दिनेश प्रसाद गुप्ता, नरेंद्र कुमार बाघमार, सविता तिवारी एवं अर्चना पांडे प्रमुख रूप से शामिल रहे।


