छत्तीसगढ़: कोरबा में आंधी-तूफान का कहर, कुसमुंडा में तीन घरों पर गिरे बरगद-पीपल के पेड़; बाल-बाल बचे परिवार

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मंगलवार शाम आई तेज आंधी-तूफान ने शहर के अलग-अलग इलाकों में तबाही मचा दी। कुसमुंडा के वार्ड नंबर 20 नेहरू नगर, बांकीमोंगरा में विशालकाय बरगद और पीपल का पेड़ तीन मकानों पर गिर गया। हादसे के वक्त तीनों परिवार घर के अंदर मौजूद थे। सभी लोग बाल-बाल बच गए और समय रहते बाहर निकाल लिए गए।

अचानक पेड़ गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घर के अंदर फंसे लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। घटना के बाद जोहन पटेल, नारायण कुमार और जानकी धीवर का परिवार दहशत में है।

पेड़ गिरने से तीनों घरों में रखा सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। छत और दीवारों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। मकान मालिक जोहन पटेल ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से इस मकान में निवास कर रहे हैं। कभी अंदाजा नहीं था कि इतनी तेज आंधी में इतना विशाल पेड़ गिर जाएगा। अचानक हुए हादसे से परिवार सदमे में है।

जानकी धीवर ने बताया कि तेज आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और बारिश के कारण सभी लोग घर के अंदर थे। अचानक तेज आवाज के साथ पेड़ घर पर गिर गया। घर में मौजूद सभी लोग डर गए, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले, तब जाकर राहत की सांस ली। घर का सारा सामान बर्बाद हो गया है।

प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है। पीड़ित परिवारों ने मुआवजे और तत्काल मदद की मांग की है। पटवारी और राजस्व टीम नुकसान का आंकलन करने की मांग की गई है।

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