दूसरे चरण में जनसंख्या गणना: यह चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवासन, प्रजनन क्षमता आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी, जैसा कि सीसीपीए द्वारा निर्णय लिया गया है। जनसंख्या गणना की सटीक तारीखें और इस चरण में शामिल किए जाने वाले प्रश्न जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे।
जनगणना में डिजिटल क्रांति
जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार ने 11,718.24 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी है। इस बार जनगणना के लिए कागजी फॉर्मों का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, गणनाकर्ता स्मार्ट फोन पर मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे डेटा एकत्र और जमा करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों चरणों में सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए एक ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप और स्व-गणना पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे।
विभिन्न राज्यों के लिए अनुसूची
देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भवन सूचीकरण और आवास जनगणना की अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 16 अप्रैल से 15 मई तक भवन सूचीकरण और आवास जनगणना होगी, जिसमें एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की अवधि शामिल होगी। वहीं, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में 1 मई से 30 मई तक भवन सूचीकरण जनगणना शुरू होगी, जिसमें 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की अवधि होगी।
इन राज्यों में अलग है संदर्भ तिथि
जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 की आधी रात 00:00 बजे है। हालांकि, जम्मू और कश्मीर के बर्फीले गैर-सिंक्रोनस क्षेत्रों और उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों के लिए यह संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 की आधी रात 00:00 बजे होगी। इस डिजिटल जनगणना से डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और कुशल होने की उम्मीद है, जो भविष्य की नीतियों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगी।