सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का राज, 15 हजार की एल्युमिनियम पाइप चोरी में दो महिलाएं गिरफ्तार

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

तखतपुर पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया मामला, चोरी का पूरा माल बरामद

तखतपुर (बिलासपुर)। तखतपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से चोरी के एक मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्टेट बैंक के पीछे से करीब 15 हजार रुपये कीमत की एल्युमिनियम वेस्ट कटिंग पाइप चोरी होने के मामले में पुलिस ने कॉलेजपारा निवासी फूलमनी देवार और दिया देवार को पकड़ा। दोनों के कब्जे से चोरी गया पूरा सामान बरामद कर जब्त किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

स्टेट बैंक के पीछे से चोरी हुई थी पाइप

पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर को प्रार्थी ने तखतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि स्टेट बैंक के पीछे रखी करीब 15 हजार रुपये कीमत की एल्युमिनियम की वेस्ट कटिंग पाइप अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 522/2026 के तहत धारा 305 बीएनएस में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई संदिग्ध गतिविधियां

थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीश पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के साथ आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज की बारीकी से जांच करने पर दो संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियां सामने आईं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों की पहचान कॉलेजपारा निवासी फूलमनी देवार और दिया देवार के रूप में की।

इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में स्वीकार किया अपराध

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों महिलाएं पहले मामले को लेकर टालमटोल करती रहीं। बाद में साक्ष्य सामने रखे जाने पर उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। उनके मेमोरेंडम कथन और निशानदेही के आधार पर गवाहों की मौजूदगी में चोरी की गई करीब 15 हजार रुपये कीमत की पूरी एल्युमिनियम पाइप बरामद कर ली गई।

दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल

पुलिस ने चोरी का सामान जब्त करने के साथ दोनों महिलाओं की विधिवत गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उन्हें सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

मामले का त्वरित खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीश पासवान, सहायक उप निरीक्षक रमेश ओरके, वरिष्ठ आरक्षक राजकुमार श्याम, हरीश यादव, नरेश निराला और संतोष पोर्ते की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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