Campus Election: सरबती देवी महिला महाविद्यालय में वोटिंग के बजाय अंकों और व्यक्तित्व से होगा छात्र संसद का चयन

Advertisement

राजगांगपुर। राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों को लेकर चर्चाओं के बीच राजगांगपुर के सरबती देवी महिला महाविद्यालय ने छात्र संसद के गठन के लिए अलग चयन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया है। यहां पारंपरिक मतदान के बजाय छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों और व्यक्तित्व मूल्यांकन के आधार पर विभिन्न पदों के लिए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।

बैठक में सर्वसम्मति से तय हुई चयन प्रक्रिया

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र संसद के गठन को लेकर 10 अक्टूबर को महाविद्यालय की प्राचार्या के कार्यालय में सलाहकार समिति और चुनाव समिति की बैठक हुई। बैठक में उम्मीदवारों के चयन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसके बाद शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तित्व परीक्षण को आधार बनाकर चयन करने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

100 अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन

महाविद्यालय ने उम्मीदवारों के मूल्यांकन के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए हैं। इसमें शैक्षणिक प्रदर्शन और व्यक्तित्व परीक्षण को बराबर महत्व दिया गया है।

शैक्षणिक योग्यता के लिए 50 अंक निर्धारित हैं:

  • मैट्रिक परीक्षा के अंक: 10 अंक
  • प्लस टू (+2) परीक्षा के अंक: 15 अंक
  • अंतिम सेमेस्टर के अंक: 25 अंक

व्यक्तित्व परीक्षण के लिए भी 50 अंक रखे गए हैं:

  • संचार कौशल: 10 अंक
  • परिस्थिति-आधारित परीक्षण: 20 अंक
  • जिम्मेदारियों के प्रति ज्ञान और समझ: 20 अंक

इस व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों का आकलन केवल उनकी पढ़ाई के अंकों से नहीं, बल्कि संवाद करने की क्षमता, परिस्थितियों को समझने और जिम्मेदारियों के निर्वहन की समझ के आधार पर भी किया जाएगा।

17 पदों के लिए 45 छात्राओं ने पेश की दावेदारी

महाविद्यालय की छात्र संसद में कुल 17 पदों के लिए 45 छात्राओं ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए अंजू तंती और हिमाद्री तनया सामल ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए सात उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि सामान्य सचिव पद के लिए तीन छात्राओं ने दावेदारी की है।

पारंपरिक चुनाव से अलग है व्यवस्था

आमतौर पर छात्र संसद या छात्र संघ के प्रतिनिधियों का चयन मतदान के जरिए किया जाता है। हालांकि, सरबती देवी महिला महाविद्यालय ने इसके स्थान पर शैक्षणिक प्रदर्शन और व्यक्तित्व मूल्यांकन को आधार बनाया है। इस पहल के तहत छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी संवाद क्षमता, निर्णय लेने की समझ और जिम्मेदारियों के प्रति दृष्टिकोण का भी आकलन किया जाएगा।

महाविद्यालय की यह चयन प्रक्रिया क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि निर्धारित मानदंडों के आधार पर 17 पदों के लिए अंतिम चयन किस प्रकार किया जाता है।

Share This Article