तरंदुल गांव में सुलझा कफन-दफन विवाद: आदिवासी रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार, गांव वाले मान गए मूल धर्म!

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Kanker Conversion Controversy update: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोरर थाना क्षेत्र के तरंदुल गांव में मृत महिला के कफन दफन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है।

बता दें, कई दिनों से गांव में इस मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी,लेकिन अब परिजनों की सहमति के बाद आदिवासी परंपरा और रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया गया है।

क्या है अपडेट

जानकारी के मुताबिक मृत महिला का परिवार पहले धर्मांतरित हो चुका था, जिसके कारण अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बन गई थी। हालांकि अब परिजनों ने आदिवासी संस्कृति के अनुसार कफन दफन करने पर सहमति जता दी है।

बताया जा रहा है कि परिवार ने पुनः अपने मूल धर्म में वापसी कर ली है। इसके बाद अब मृत महिला का अंतिम संस्कार आदिवासी परंपरा और रीति रिवाज के अनुसार किया जाएगा, जिससे गांव में बना तनाव भी खत्म हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि महिला को मूल धर्म में वापसी करनी चाहिए, इसके बाद गांव की पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार शव दफनाया जाएगा।

महिला के पोते का इनकार

महिला के पोते ने मूल धर्म में वापसी करने से इनकार कर दिया। वहीं महिला के बेटे और बेटी मूल धर्म में वापसी के लिए मान गए हैं। पोते के नहीं मानने की वजह से गांव में मतभेद और तनाव का माहौल बना हुआ है।

पोते को दी जा रही समझाइश

धर्मांतरण कराने वाली महिला का पोता ग्रामीण रीति-रिवाज को अपनाने से इनकार कर रहा है। वहीं महिला के बेटे और बेटियां मूल धर्म में वापसी को तैयार हैं। अब परिवार के लोग पोते को समझाने की कोशिश कर रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही हुआ था धर्मांतरण

महिला और उसके परिवार ने कुछ दिन पहले ही ईसाई धर्म अपनाया था। अब ग्रामीणों ने धर्मांतरण के बाद महिला के अंतिम संस्कार पर आपत्ति जताई। विवाद न बढ़े इसलिए मौके पर पुलिस भी तैनात है।

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