जेएनयू मामले को लेकर रायगढ़ में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, सांसद बिमोल अकोइजाम के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग

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महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना, सत्यलता मिरी और मधुलता पटेल ने छात्राओं को न्याय दिलाने की उठाई मांग

रायगढ़। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं की ओर से यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बाद कांग्रेस सांसद एवं विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम की बर्खास्तगी का मामला राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर रायगढ़ में भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने सांसद के इस्तीफे, गिरफ्तारी और शिकायतकर्ता छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की।

जेएनयू ने 9 अक्टूबर 2026 को आंतरिक समिति की जांच के बाद अकोइजाम को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त कर दिया था। 11 छात्राओं की शिकायतों से जुड़े इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भी 11 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की। वहीं, अकोइजाम ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई को अनुचित बताया है।

सत्यलता मिरी ने कांग्रेस नेतृत्व से पूछे सवाल

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश समन्वयक स्व-सहायता समूह महिला मोर्चा एवं जांजगीर जिला पंचायत सदस्य ई. सत्यलता मिरी ने कांग्रेस की महिला सुरक्षा से जुड़ी राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सार्वजनिक मंचों पर महिला सम्मान और अधिकारों की बात करती है, लेकिन अपनी पार्टी के सांसद से जुड़े गंभीर मामले पर नेतृत्व को स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।

उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। सत्यलता मिरी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान जैसे विषयों पर राजनीतिक दलों को अपने नेताओं के मामलों में भी जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।

11 छात्राओं की शिकायतों का मामला, कार्रवाई की मांग

भाजपा महिला मोर्चा की रायगढ़ जिला अध्यक्ष मधुलता पटेल ने कहा कि जेएनयू की 11 छात्राओं की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने जांच कर प्रोफेसर अकोइजाम के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता छात्राओं की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

मधुलता पटेल ने मांग की कि मामले की कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े और यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।

तीन प्रमुख मांगें रखीं

प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें कांग्रेस नेतृत्व से सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने, मामले में निष्पक्ष पुलिस जांच के साथ गिरफ्तारी की मांग पर विचार करने और शिकायतकर्ता छात्राओं को सुरक्षा एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।

मधुलता पटेल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो महिला मोर्चा आंदोलन को मंडल और ग्राम स्तर तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं को न्याय दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संगठन अपना विरोध जारी रखेगा।

महिला सुरक्षा और जवाबदेही पर उठाए सवाल

रायगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सांसद के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग दोहराई। वहीं, मामले में पुलिस जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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