Bilaspur Police Review Meeting: आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर जोर

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थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, मालखाना जांच और बेसिक पुलिसिंग की हुई समीक्षा; गंभीर अपराधों की विवेचना, सड़क दुर्घटनाओं और एनडीपीएस मामलों में गुणवत्ता सुधारने के निर्देश

बिलासपुर। बिलासपुर रेंज में पुलिसिंग की गुणवत्ता सुधारने, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और थानों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग ने रेंज के पुलिस अधीक्षकों एवं राजपत्रित अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। 9 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा जारी निर्देशों के पालन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। आईजी ने अधिकारियों को बेसिक पुलिसिंग मजबूत करने, फील्ड सुपरविजन बढ़ाने और जांच प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

थानों के निरीक्षण और मालखाना जांच पर विशेष जोर

बैठक में थानों की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने के लिए एसडीओपी एवं सीएसपी को नियमित रूप से थानों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मौके पर ही हस्तलिखित भ्रमण रिपोर्ट तैयार करने तथा वार्षिक निरीक्षण में मालखाने (Property Room) का बारीकी से मिलान करने पर जोर दिया गया।

जब्त सामग्री और केस प्रॉपर्टी की Chain of Custody सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जब्त माल में गड़बड़ी, मिलान में अंतर या सामग्री गायब होने जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपनी दैनिक डायरी (Daily Diary) अनिवार्य रूप से संधारित करने के लिए कहा गया।

गंभीर अपराधों की जांच में मौके पर पहुंचकर करें सुपरविजन

आईजी ने गंभीर एवं सनसनीखेज अपराधों तथा मर्ग जांच के दौरान अधिकारियों को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर विवेचकों को आवश्यक मार्गदर्शन दें और सुपरविजन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाएं।

सुपरविजन के दौरान हस्तलिखित नोट तैयार कर उसे केस डायरी का हिस्सा बनाने तथा Crime Review Application (CRA) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने और जांच प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

आम नागरिकों से सम्मानजनक व्यवहार, शिकायतों की निष्पक्ष जांच

बैठक में थानों में शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों और पीड़ितों के साथ शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की प्राथमिक एवं विभागीय जांच निष्पक्षता से करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा लंबित स्थायी वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया, ताकि फरार वारंटियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

NDPS मामलों में वैधानिक प्रक्रिया का कड़ाई से पालन

नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम से जुड़े मामलों की विवेचना की समीक्षा करते हुए आईजी ने वैधानिक प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से तलाशी के दौरान धारा 50 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि अभियोजन पक्ष को न्यायालय में अनावश्यक कानूनी चुनौतियों का सामना न करना पड़े।

निर्देशों के अनुसार, कम से कम 25 से 50 प्रतिशत मामलों में ANTF प्रभारी अथवा राजपत्रित अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर पंचनामा एवं जब्ती की कार्रवाई अपनी निगरानी में कराएंगे। वाहन मालिकों को आरोपी बनाने से पहले उनकी संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य जुटाने और वाहनों के विधिसम्मत राजसातीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

सड़क दुर्घटनाओं की जांच में e-DAR और CCTV फुटेज पर जोर

सड़क दुर्घटना के मामलों में e-DAR पोर्टल पर घटनास्थल से ही तत्काल डेटा एंट्री सुनिश्चित करने को कहा गया। फर्जी बीमा क्लेम और दुर्घटना के बाद चालक बदलने जैसी अनियमितताओं को रोकने के लिए संबंधित वाहन चालक की टावर लोकेशन तथा घटनास्थल के CCTV फुटेज को साक्ष्य के रूप में अनिवार्य रूप से जब्त करने के निर्देश दिए गए।

मर्ग जांच और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया में लापरवाही न हो

आईजी ने निर्देश दिए कि मर्ग जांच के दौरान अपराध घटित होना पाए जाने पर बिना विलंब FIR दर्ज की जाए। अस्पतालों एवं पुलिस चौकियों में कायम जीरो मर्ग की डायरी तत्काल संबंधित थानों को भेजी जाए, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो।

थाना प्रभारियों (SHO) को FIR में दर्ज धाराओं का स्वयं बारीकी से परीक्षण करने, तथ्यों के अनुरूप सही धाराएं लागू करने और विशेष रूप से महिला संबंधी अपराधों में कानूनी प्रावधानों का उचित अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। FIR पर थाना प्रभारी के स्वयं हस्ताक्षर करने के निर्देश भी दिए गए।

आदतन अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण के लिए तत्काल कार्रवाई

बैठक में आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर भी जोर दिया गया। आईजी ने निर्देश दिए कि यदि कोई आदतन अपराधी जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा अपराध करता है, तो उसकी जमानत निरस्त कराने के लिए संबंधित न्यायालय में तत्काल आवेदन प्रस्तुत किया जाए।

वहीं, विभागीय एवं प्राथमिक जांचों के समयबद्ध निराकरण के लिए एसडीओपी एवं सीएसपी को स्वयं प्रार्थियों और गवाहों के कथन दर्ज करने तथा लंबित जांचों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

एक साल से पुराने मामलों और हाई कोर्ट से संबंधित प्रकरणों पर बनेगा एक्शन प्लान

लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण को प्राथमिकता देते हुए आईजी ने एक वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों और माननीय उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए अनुभागवार विशेष Action Plan तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके निराकरण के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

पुलिसिंग में अनुशासन और त्वरित न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता

आईजी रामगोपाल गर्ग ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस की कार्यप्रणाली में अनुशासन, गुणवत्ता, पारदर्शिता और त्वरित न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने समीक्षा बैठक में जारी निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।

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