प्रिवेंटिव पुलिसिंग को मजबूत करने आयोजित हुई उच्च स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला, ‘एक गुंडा-एक जवान’ नीति लागू करने और सक्रिय अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
आईजी की अध्यक्षता में हुई पुलिस कार्यशाला
बिलासपुर। क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और संपत्ति एवं शरीर संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय ऑनलाइन बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई।
पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज के मीटिंग हॉल में आयोजित इस कार्यशाला में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधिकारी, एसडीओपी और थाना प्रभारी शामिल हुए।
प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर दिया गया जोर
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने ‘गुंडा एवं निगरानी बदमाश’ विषय पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रिवेंटिव पुलिसिंग (निवारक पुलिसिंग) और बेसिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
गुंडा और निगरानी बदमाशों की बनेगी सटीक सूची
कार्यशाला में पुलिस रेगुलेशन के तहत आदतन चोरों और लुटेरों को A-Class (निगरानी बदमाश) तथा मारपीट, रंगदारी और भू-माफिया जैसे अपराधियों को B-Class (गुंडा) के रूप में वर्गीकृत करने के निर्देश दिए गए।
सभी बदमाशों का फोटो, फिंगरप्रिंट, बैंक खाते और अन्य जरूरी जानकारी अपडेट रखने के साथ गंभीर मामलों में गैंग हिस्ट्री शीट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सरप्राइज चेकिंग और सुरक्षा SOP पर जोर
पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बदमाशों की जांच का समय अनिश्चित रखा जाए, ताकि प्रभावी निगरानी हो सके। चेकिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने और बदमाशों के रहन-सहन व आय के स्रोत का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
‘एक गुंडा-एक जवान’ नीति होगी लागू
कार्यशाला में हर सक्रिय बदमाश की निगरानी के लिए एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जमानत के बाद दोबारा अपराध करने वाले आरोपियों के खिलाफ BNSS की धारा 480 के तहत जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई करने कहा गया।
इसके अलावा धारा 110 BNSS, बाउंड ओवर कार्रवाई, जिला बदर और PIT NDPS जैसे कानूनी प्रावधानों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए।
रिकॉर्ड संधारण और डिजिटल व्यवस्था पर जोर
पुलिस रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के लिए रोजनामचा में रवानगी और वापसी की क्रॉस एंट्री, रजिस्टर-7, परवाना फाइल और A-to-Z अल्फाबेटिकल रजिस्टर के नियमित संधारण के निर्देश दिए गए।
बीट पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बीट जवानों की A, B और C नोटबुक को सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।
मानवाधिकारों का पालन करने के निर्देश
कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्रवाई के दौरान मानवाधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए। किसी भी व्यक्ति के साथ अनावश्यक या मनमानी कार्रवाई नहीं की जाए।
गांव स्तर तक मजबूत होगी निगरानी व्यवस्था
ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB), कोटवारों की जानकारी, मुसाफिर रजिस्टर और अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
अंतरराज्यीय और अंतरजिला अपराधियों की जानकारी साझा करने के लिए BC Roll, SS Roll और Cri-MAC ऐप का उपयोग करने कहा गया।
अपराध छोड़ चुके लोगों को मिलेगा सुधार का अवसर
आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि जो लोग लंबे समय से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं, उन्हें निगरानी सूची से हटाया जाएगा, ताकि पुलिस का ध्यान केवल सक्रिय अपराधियों पर केंद्रित रहे।
त्योहारों से पहले होगी बदमाशों की परेड
राष्ट्रीय पर्वों और त्योहारों से पहले थानों में गुंडा-बदमाशों की परेड कर उनकी गतिविधियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
200 से अधिक पुलिस अधिकारी हुए शामिल
कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 200 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। बैठक के अंत में आईजी श्री राम गोपाल गर्ग ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों की स्वयं निगरानी करने और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी।




