Bilaspur HC News: CGPSC घोटाले में हाईकोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर की जमानत याचिका की खारिज, सिलेक्शन के बदले 60 लाख मांगने का आरोप

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CGPSC Bilaspur HC News: CGPSC घोटाले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने इसे परिक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। आपको बता दें उत्कर्ष पर अ​भ्यर्थियों से सिलेक्शन के बदले 60 लाख मांगने का आरोप है। परीक्षार्थियों ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी है।

सलेक्शन के बदले 60 लाख मांगने का आरोप

आपको बता दें बिलासपुर हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) में जस्टिस विभु दत्त गुरु की बेंच में सुनवाई हुई। जहां कोर्ट ने भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है। सलेक्शन के बदले 60 लाख मांगने का आरोप है। आपको बता दें आज परीक्षार्थियों ने आरोपी के खिलाफ गवाही दी है। CGPSC 2021 भर्ती परीक्षा घोटाले में जांच तेज हो गई है।

CBI जांच में क्या

आपको बता दें CBI जांच में बताया गया कि रायपुर शांति नगर के रहने वाले उत्कर्ष चंद्राकर ने बड़ी रकम लेने के बाद 30-35 कैंडिडेट्स को प्री और मेंस के क्वेश्चन पेपर दिए थे। हालांकि इस डील में कई लोग शामिल थे। इसमें से उत्कर्ष पर मामला दर्ज किया गया। तभी से वो फरार बताया जा रहा है। इस मामले हाईकोर्ट का स्पष्ट कहना है कि पेपर लीक करना मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है।

29 लोगों को बनाया आरोपी

आपको बता दें इस CGPSC घोटाले में CBI ने अपनी अंतिम चार्जशीट में कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया है। इसमें से जो इस घोटाले के मास्टर माइंड सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी है वो पहले से ही जेल में बंद हैं।

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