BilaiGarh BEO Office: खबर का असर, BEO कार्यालय के आसपास झाड़ियों की सफाई; 1300 शिक्षकों की सर्विस बुक और अधिकारी के तबादले पर सवाल बरकरार

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25 से 30 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं गायब होने का आरोप, FIR के लिए आवेदन; DEO के निरीक्षण के बाद भी कई मामलों में कार्रवाई का इंतजार

बिलाईगढ़। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय बिलाईगढ़ की अव्यवस्थाओं और शिक्षकों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार कार्यालय के आसपास और पीछे उगी झाड़ियों की सफाई करा दी गई है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद भी कार्यालय से जुड़ी कई गंभीर शिकायतों और सवालों का समाधान नहीं हुआ है। लगभग 1300 शिक्षकों की सर्विस बुक की सुरक्षा, कुछ सेवा पुस्तिकाओं के कथित रूप से गायब होने और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ BEO के स्थानांतरण को लेकर अब भी विभागीय कार्रवाई का इंतजार है।

झाड़ियों की सफाई हुई, लेकिन दस्तावेजों की सुरक्षा का सवाल कायम

पूर्व में BEO कार्यालय की खुली खिड़कियों, आसपास उगी झाड़ियों, आगजनी की आशंका और महत्वपूर्ण अभिलेखों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए थे। खबर प्रकाशित होने के बाद झाड़ियों की सफाई कराई गई है। यह कार्रवाई राहत देने वाली है, लेकिन कार्यालय में रखे शिक्षकों के सेवा अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

शिक्षक संगठनों की ओर से सेवा पुस्तिकाओं के गायब होने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में उपलब्ध सभी सेवा पुस्तिकाओं का सत्यापन कराएंगे? यदि जांच में कोई अभिलेख गायब मिलता है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

25 से 30 सर्विस बुक गायब होने का आरोप, थाने में आवेदन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलाईगढ़ विकासखंड के अनेक शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं कार्यालय से गायब होने का आरोप लगाया गया है। शिक्षक संगठनों के कुछ पदाधिकारियों ने लगभग 25 से 30 सेवा पुस्तिकाएं गायब होने की आशंका जताई है। हालांकि, वास्तविक संख्या और इसके पीछे की परिस्थितियों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, शिक्षिका स्नेहलता ठाकुर की सेवा पुस्तिका गायब होने की बात उनकी मौजूदगी में सामने आई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित शिक्षिका को BEO कार्यालय बुलाकर सेवा पुस्तिका सुरक्षित होने का प्रमाण पत्र लिखवाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी भी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसके साथ ही कथित रूप से गायब सेवा पुस्तिकाओं के स्थान पर नई कोरी सेवा पुस्तिकाएं लेकर उन्हें संधारित किए जाने की चर्चा है।

इन परिस्थितियों में शिक्षक संगठनों ने नई सेवा पुस्तिकाओं के संधारण की प्रक्रिया की बारीकी से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि नौकरी की शुरुआत से लेकर वर्तमान समय तक की सभी प्रविष्टियों, अलग-अलग आहरण-संवितरण अधिकारियों के हस्ताक्षरों और संबंधित अभिलेखों का मिलान किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

सेवानिवृत्त प्रधानपाठक की सेवा पुस्तिका भी गायब होने की शिकायत

शासकीय प्राथमिक शाला ओटगन, संकुल जोरा के सेवानिवृत्त प्रधानपाठक गोपाल रौशिक की सेवा पुस्तिका भी कार्यालय से गायब होने की बात सामने आई है। संबंधित शिक्षक के परेशान होने के बाद शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया।

जानकारी के अनुसार, BEO सत्यनारायण साहू की ओर से बिलाईगढ़ थाना प्रभारी के समक्ष FIR दर्ज करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। अब यह जांच का विषय है कि वास्तव में कितनी सेवा पुस्तिकाएं गायब हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। विभागीय स्तर पर अभिलेखों का सत्यापन और निष्पक्ष जांच होने से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

10 साल से पदस्थ BEO के स्थानांतरण पर निर्णय कब?

BEO सत्यनारायण साहू के लंबे समय से बिलाईगढ़ में पदस्थ रहने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। करीब 10 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थापना को लेकर शिक्षक संगठनों और स्थानीय स्तर पर चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग उनके पदस्थापना और स्थानांतरण से संबंधित नियमों की समीक्षा करेगा? क्या DEO इस संबंध में उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजेंगे? फिलहाल इस दिशा में किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

रिश्वत प्रकरण में BEO की भूमिका को लेकर भी सवाल

BEO सत्यनारायण साहू के कार्यकाल में पूर्व BEO पी.के. शर्मा के निधन के बाद उनके स्वत्वों के भुगतान के एवज में कथित रिश्वत प्रकरण भी सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यालय में रिश्वत लेते हुए बाबू रथराम बंजारे को ACB की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। इस मामले में रथराम बंजारे के साथ BEO सत्यनारायण साहू के विरुद्ध भी अपराध दर्ज किए जाने और गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। बताया जाता है कि श्री साहू गिरफ्तारी के बाद जमानत पर हैं।

इस प्रकरण की वर्तमान न्यायालयीन स्थिति और संबंधित आरोपों की पुष्टि आधिकारिक अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है। सूत्रों के हवाले से मामला रायगढ़ न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कही गई है। यह भी बताया गया है कि 28 अक्टूबर को उनकी न्यायालय में पेशी थी।

आरोप यह भी लगाया गया है कि न्यायालयीन कार्यों के लिए वे अपने साथ संकुल शैक्षिक समन्वयक विजय साहू को लेकर जाते हैं, जिससे उनके पदस्थ स्कूल का शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, इस संबंध में वास्तविक स्थिति संबंधित स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर और विभागीय रिकॉर्ड की जांच से ही स्पष्ट हो सकती है।

टेड़गीडीपा स्कूल में किराए के शिक्षक से पढ़ाई कराने का आरोप

विजय साहू की पत्नी हेमलता साहू, जो प्राथमिक शाला टेड़गीडीपा में पदस्थ हैं, उनके नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंचने और उनकी जगह कथित तौर पर किराए के शिक्षक से बच्चों को पढ़वाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए स्कूल का उपस्थिति रजिस्टर, निरीक्षण रिपोर्ट और संबंधित शिक्षकों का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।

शिक्षा व्यवस्था में बच्चों का नियमित अध्यापन, शिक्षकों की उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। इसलिए इस मामले में स्कूल स्तर के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की जरूरत है।

DEO के औचक निरीक्षण में दो शिक्षक मिले अनुपस्थित

खबर प्रकाशित होने के बाद 28 अक्टूबर 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण पटेल ने टेड़गीडीपा प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान प्रधानपाठक हेमलता साहू अपने से कनिष्ठ शिक्षक को प्रभार दिए बिना अवकाश पर पाई गईं, जबकि सहायक शिक्षक बोधीलाल कत्थाकार अनुपस्थित मिले। बताया गया है कि DEO ने दोनों को कारण बताओ सूचना जारी की है।

इस कार्रवाई के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विभाग स्कूल स्तर पर मिली अनियमितताओं के साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा करेगा। यदि शिकायतें पहले से सामने आ रही थीं, तो उनकी निगरानी और निरीक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों से भी जवाब मांगा जाना चाहिए।

BEO को हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग

बिलाईगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच BEO सत्यनारायण साहू को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग भी उठ रही है। शिक्षक संगठनों की मांग है कि कथित रूप से गायब सेवा पुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी शिक्षकों के सेवा अभिलेखों का सत्यापन हो और रिश्वत प्रकरण सहित अन्य शिकायतों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए।

इसके साथ ही टेड़गीडीपा प्राथमिक शाला में सामने आए आरोपों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब DEO की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें

BEO कार्यालय के आसपास झाड़ियों की सफाई से खबर का असर जरूर दिखाई दिया है, लेकिन यह पूरे मामले का समाधान नहीं है। लगभग 1300 शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं की सुरक्षा, 25 से 30 पुस्तिकाएं गायब होने के आरोप, थाने में दिए गए आवेदन और लंबे समय से पदस्थ अधिकारी के स्थानांतरण जैसे मुद्दे अब भी जवाब मांग रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला शिक्षा अधिकारी केवल निरीक्षण और कारण बताओ नोटिस तक सीमित रहेंगे या सेवा अभिलेखों के सत्यापन और सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी भी तय करेंगे? झाड़ियों की सफाई के बाद अब बिलाईगढ़ के शिक्षक शिक्षा विभाग से जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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