Bijapur News: आंगनबाड़ी मरम्मत में 2.19 लाख की गड़बड़ी का आरोप, संकनपल्ली पंचायत में सरपंच-सचिव पर उठे सवाल

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ऑनलाइन रिकॉर्ड में भुगतान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का दावा— उस अवधि में किसी केंद्र में नहीं हुआ मरम्मत कार्य

बीजापुर। जिले की ग्राम पंचायत संकनपल्ली में आंगनबाड़ी मरम्मत के नाम पर 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने तत्कालीन सरपंच सरस्वती वासम, तत्कालीन सचिव गौतुल रामू और तत्कालीन रोजगार सहायक नूतन यालम पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि आंगनबाड़ी मरम्मत के नाम पर 2.19 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं कराया गया।

ऑनलाइन रिकॉर्ड में 2.19 लाख रुपये का भुगतान दर्ज

ग्रामीणों के अनुसार, ऑनलाइन रिकॉर्ड में जुलाई 2024 के दौरान आंगनबाड़ी मरम्मत के लिए न्यू सारस वेल्डिंग वर्कशॉप के नाम पर 2.19 लाख रुपये का भुगतान दर्ज है। शिकायत मिलने के बाद पंचायत क्षेत्र के आठ आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जहां कार्यकर्ताओं, पूर्व वार्ड पंचों और ग्रामीणों से जानकारी ली गई।

कार्यकर्ताओं का दावा— मरम्मत कार्य नहीं कराया गया

निरीक्षण के दौरान अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान पंचायत की ओर से किसी भी केंद्र में मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। उनका कहना है कि जिस अवधि में भुगतान दर्शाया गया है, उस समय भी किसी प्रकार का निर्माण या मरम्मत नहीं हुई थी।

वर्तमान सरपंच ने तीन माह पहले कराया मरम्मत कार्य

ग्रामीणों के मुताबिक किचैयापारा और आवास पारा आंगनबाड़ी केंद्रों की छत वर्षों से टपक रही थी। वर्तमान सरपंच खुश कुमार यालम ने करीब तीन माह पहले दोनों भवनों की मरम्मत कराते हुए पुरानी सीमेंट शीट हटाकर प्रोफाइल शीट लगवाई और भवनों की पुताई भी कराई।

वार्ड पंचों और ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्रामीणों और वार्ड पंचों का कहना है कि आंगनबाड़ी मरम्मत के नाम पर निकाली गई राशि की जानकारी उन्हें कभी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि ग्रामसभा की स्वीकृति और प्रस्ताव में वार्ड पंचों के हस्ताक्षर के बिना ही भुगतान कर दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 2.19 लाख रुपये किस कार्य पर खर्च किए गए।

पूर्व सचिव बोले— रिकॉर्ड देखने के बाद ही बता पाएंगे

मामले में पक्ष जानने के लिए तत्कालीन सचिव गौतुल रामू से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि मामला वर्ष 2024 का है और फिलहाल उन्हें इसकी जानकारी याद नहीं है। रिकॉर्ड देखने के बाद ही वह इस संबंध में कुछ बता पाएंगे।

सीईओ ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

जनपद पंचायत उसूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर कुमार चंद्राकर ने कहा कि मामले की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने भुगतान, कार्यस्थल, ग्रामसभा की स्वीकृति और संबंधित दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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