दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को बड़ी सौगात, 2 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मिली केंद्रीय मंजूरी

Advertisement

कटनी–पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर–पेंड्रा रोड तीसरी लाइन को हरी झंडी, 288 किमी रेल नेटवर्क पर खर्च होंगे ₹4,254 करोड़

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

बिलासपुर, 9 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने रेल मंत्रालय की 3 महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹10,783 करोड़ है और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूरा करने की योजना है। इनमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 2 महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी शामिल हैं।

SECR के हिस्से में आईं 2 बड़ी परियोजनाएं

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लिए स्वीकृत दोनों परियोजनाओं में कटनी–पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)–पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। दोनों परियोजनाओं की कुल लंबाई 288 किलोमीटर है, जबकि इनकी कुल अनुमानित लागत ₹4,254 करोड़ बताई गई है।

रेल परिचालन की क्षमता में होगा विस्तार

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अतिरिक्त रेल लाइन से ट्रेनों की गतिशीलता और परिचालन में सुधार होगा तथा यात्री और माल परिवहन को अधिक सुगम एवं बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। SECR multitracking project के तहत होने वाला यह विस्तार रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों को लाभ

इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का लाभ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़ सहित अनेक प्रमुख शहरों तथा मध्य प्रदेश के अनूपपुर और शहडोल आदि क्षेत्रों को मिलने की बात कही गई है। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से इन क्षेत्रों से उत्तर भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों के संचालन में सुविधा बढ़ेगी और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी का मार्ग प्रशस्त होगा।

कटनी–पेंड्रा रोड चौथी लाइन

201 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹2,975 करोड़ है। इसके पूरा होने पर प्रतिवर्ष लगभग ₹322 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत बचत तथा 14.42 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। परियोजना से अमरकंटक और बांधवगढ़ जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुंच को बढ़ावा मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा करीब 68 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजन की संभावना जताई गई है।

बिलासपुर–पेंड्रा रोड तीसरी लाइन

बिलासपुर (उसलापुर)–पेंड्रा रोड तीसरी लाइन परियोजना की लंबाई 87 किलोमीटर और अनुमानित लागत ₹1,279 करोड़ है। परियोजना के पूर्ण होने से प्रतिवर्ष लगभग ₹96.2 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत बचत और 4.3 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी का अनुमान है।

पर्यटन स्थलों को भी मिलेगा फायदा

इस परियोजना से अचानकमार, अमरकंटक, खुटाघाट, मल्हार और रतनपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर रेल संपर्क को बढ़ावा मिलने की बात कही गई है। परियोजना से लगभग 30 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजन की संभावना भी बताई गई है।

उत्तर भारत से संपर्क होगा और मजबूत

दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में रेल आधारभूत संरचना का विस्तार होगा। यात्री सुविधाओं और कनेक्टिविटी में सुधार के साथ ट्रेनों की गतिशीलता बढ़ने और यात्रा को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से उत्तर भारत के बीच रेल संपर्क भी और मजबूत होने की उम्मीद है।

उद्योग, व्यापार और रोजगार को मिलेगी गति

बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ उद्योग एवं व्यापार के विस्तार, माल परिवहन की क्षमता में वृद्धि और रोजगार के नए अवसरों को गति मिलने की संभावना है। SECR multitracking project से क्षेत्रीय आर्थिक एवं सामाजिक विकास और औद्योगिक प्रगति के लिए आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय, रिपोर्टर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

Share This Article