रायगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत रायगढ़ जिले में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में घरघोड़ा, लैलूंगा और भूपदेवपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस ने कोटवारों और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए।
कोटवारों की बैठक लेकर समझाए साइबर ठगी के तरीके
घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने ग्राम कोटवारों की बैठक लेकर साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों और ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी या अन्य संस्थाओं का अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं। इसके अलावा KYC अपडेट, ऑनलाइन नौकरी, लोन, निवेश में ज्यादा मुनाफा और डिजिटल अरेस्ट जैसे झांसे देकर भी लोगों से रकम ऐंठी जा रही है।
पुलिस ने कोटवारों से अपने-अपने गांवों में ग्रामीणों को जागरूक करने की अपील की। उन्हें समझाया गया कि OTP, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड और UPI PIN किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने से भी बचें।
लैलूंगा में भी ग्रामीणों को किया सतर्क
लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने थाना परिसर में ग्राम कोटवारों की बैठक लेकर साइबर जागृति अभियान की जानकारी दी। उन्होंने फर्जी कॉल, WhatsApp मैसेज, सोशल मीडिया लिंक, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, QR कोड और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने की समझाइश दी।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी से पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। इसलिए पैसे मिलने के नाम पर किसी के कहने पर UPI PIN दर्ज न करें। साथ ही अनजान लोगों के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप का इस्तेमाल न करने और संदिग्ध वीडियो कॉल से सावधान रहने की सलाह दी गई।
कछार गांव में पुलिस ने ग्रामीणों को दी जानकारी
भूपदेवपुर थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम कछार में ग्रामीणों के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। ग्रामीणों को बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने तथा अनजान नंबर से आए कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और नजदीकी थाना या साइबर सेल को भी सूचना दें। पुलिस के अनुसार, ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।
बुजुर्गों और महिलाओं को भी जागरूक करने की अपील
पुलिस ने ग्रामीणों से अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने की अपील की। कोटवारों को गांव की चौपालों और बैठकों के माध्यम से साइबर सुरक्षा की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई।
साइबर जागृति अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना और सतर्क नागरिकों के माध्यम से सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है।




