अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान, “हाथ से हाथ मिलाएंगे, बाल विवाह मिटाएंगे” के नारे से गूंजा गांव

Advertisement

अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के मौके पर बोड़ादोरो में बाल विवाह (child marriage) उन्मूलन को लेकर सामूहिक पहल

चक्रधरपुर प्रखंड के बोड़ादोरो गांव में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह (child marriage) के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कर्रा सोसायटी फॉर रूरल एक्शन, रांची के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के किशोर-किशोरियों, महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कानूनी प्रावधानों की जानकारी, बाल विवाह को बताया दंडनीय अपराध
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (Child Marriage Prohibition Act) के तहत मिलने वाली सजा और जुर्माने के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि बाल विवाह एक गंभीर दंडनीय अपराध है, जिसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।

सामूहिक शपथ के साथ खत्म हुआ कार्यक्रम, गांव में गूंजे जागरूकता के नारे
अभियान के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने बाल विवाह को रोकने और समाज से खत्म करने के लिए सामूहिक शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में “हाथ से हाथ मिलाएंगे, बाल विवाह मिटाएंगे” का नारा लगाते हुए जागरूकता का संदेश पूरे गांव में फैलाया गया।

चाईबासा में भी चला अभियान, समाज के हर वर्ग से आगे आने की अपील
इसी क्रम में पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में भी बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) चाईबासा के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव रवि चौधरी ने की। यहां भी लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी पहलुओं से अवगत कराया गया।

सामाजिक सहभागिता से मजबूत हुआ अभियान
दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की सक्रिय भागीदारी रही। सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया और इस दिशा में लगातार प्रयास करने का भरोसा जताया।

Share This Article