रेल भवन में हुई विस्तृत सुरक्षा समीक्षा बैठक, घटिया सामग्री और जानबूझकर लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रेल भवन में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बोर्ड के सदस्य, विभिन्न जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, महानिदेशक और मंडल रेल प्रबंधक शामिल हुए। बैठक में रेलवे के तकनीकी ढांचे, ट्रैक, कोच, वैगन, सिग्नलिंग और रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई।
सिग्नलिंग व्यवस्था की तकनीकी खामियां जल्द दूर करने पर जोर
रेल मंत्री ने सिग्नलिंग प्रणाली से जुड़ी तकनीकी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर मिशन मोड में दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा से जुड़े किसी भी तकनीकी पहलू में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और आवश्यक सुधार समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
पुराने OHE उपकरणों के रखरखाव और बदलाव पर विशेष ध्यान
ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) की समीक्षा के दौरान उन स्थानों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया, जहां किसी उपकरण या घटक की निर्धारित सेवा अवधि पूरी हो चुकी है। ऐसे उपकरणों के उचित रखरखाव के साथ जरूरत पड़ने पर उनके प्रतिस्थापन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कोचों की फायर सेफ्टी और विद्युत वायरिंग की जांच जरूरी
रेल मंत्री ने कोचों के रखरखाव को भी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए वर्कशॉप में मेंटेनेंस की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। विशेष रूप से फायर सेफ्टी से जुड़े विद्युत सर्किट और वायरिंग की गहन जांच एवं उचित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके साथ ही वैगन और कोच में इस्तेमाल होने वाले कपलर तथा पहियों के रखरखाव पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
ट्रैक के पॉइंट मशीन, टर्नआउट और फास्टनर की निगरानी
ट्रैक सुरक्षा को लेकर पॉइंट मशीन, टर्नआउट और फास्टनर के उचित रखरखाव पर विशेष जोर दिया गया। रेल मंत्री ने निर्देश दिए कि जहां कहीं फास्टनर की कमी है, वहां उन्हें तत्काल लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि ट्रैक की सुरक्षा और मजबूती से किसी तरह का समझौता न हो।
घटिया सामग्री की आपूर्ति पर सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
बैठक में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति को गंभीरता से लिया गया। सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन, OHE, ट्रैक, कोच या वैगन से संबंधित किसी भी सामग्री की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि जानबूझकर की गई लापरवाही के मामलों में संबंधित सप्लायर को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए।
त्योहारों और मेलों में बढ़ने वाली भीड़ को लेकर पहले से तैयारी
बैठक में आगामी त्योहारों और मेलों के दौरान यात्रियों की संभावित भीड़ को लेकर भी चर्चा हुई। रेल मंत्री ने अधिकारियों को जिला एवं राज्य प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन रेलवे स्टेशनों अथवा क्षेत्रों में अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है, वहां यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं।
सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर नहीं होगा समझौता
बैठक के दौरान रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी स्तरों पर तकनीकी कमियों को समय पर दूर करने, रखरखाव की गुणवत्ता बनाए रखने और घटिया सामग्री की आपूर्ति पर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया। रेलवे प्रशासन को सुरक्षा मानकों के अनुपालन के साथ-साथ त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़


