बरौर के युवक ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन, फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान करने का लगाया आरोप
मरवाही/जीपीएम। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत बरौर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किए गए मनरेगा मजदूरी भुगतान में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। गांव के एक युवक ने कलेक्टर जीपीएम को शिकायत सौंपकर रोजगार सहायक पर फर्जी हाजिरी लगाकर मजदूरी राशि के भुगतान में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है।
ग्राम बरौर निवासी रवि कुमार बंजारा ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक भगत दास द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मकानों में मनरेगा मजदूरी का भुगतान कथित रूप से फर्जी तरीके से कराया गया है।
असली मजदूरों की जगह अन्य लोगों के नाम दर्ज करने का आरोप, मास्टर रोल की कॉपी भी सौंपी
शिकायतकर्ता के अनुसार, हितग्राही छत्रपाल के आवास निर्माण कार्य में मजदूरी करने वाले वास्तविक श्रमिकों के स्थान पर अन्य लोगों के नाम से उपस्थिति दर्ज की गई। आरोप है कि मजदूरी राशि संबंधित खातों में जमा कराने के बाद उसका बड़ा हिस्सा वापस ले लिया जाता है।
रवि कुमार ने अपने आवेदन के साथ संबंधित मास्टर रोल की सत्यापित प्रति भी संलग्न कर जांच की मांग की है।
शासन की योजना में गड़बड़ी का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह शासन की जनकल्याणकारी योजना में गंभीर अनियमितता का मामला हो सकता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति
मामले में शिकायत कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच चुकी है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


