बलरामपुर में “सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान” के तहत मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण, योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर

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बलरामपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेश में संचालित “सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की उपस्थिति रही।


📋 योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ पर फोकस

जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने प्रशिक्षण के दौरान अभियान की कार्ययोजना, सर्वेक्षण प्रक्रिया और विभागीय दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य 17 विभागों की 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी लाभ से वंचित न रहे।


🏡 घर-घर सर्वे से होगा पात्र हितग्राहियों का चयन

अभियान के तहत चरणबद्ध तरीके से घर-घर सर्वेक्षण कर पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी और उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विकासखंड स्तर पर अधिकारियों, रोजगार सहायकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, एएनएम और पटवारियों के समन्वय से कार्य किया जाएगा।


🎯 कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने मास्टर ट्रेनरों को निर्देश दिया कि वे विकासखंड स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करें, ताकि ग्राम स्तर पर सर्वेक्षण सही प्रक्रिया के अनुसार हो सके। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल जानकारी तक सीमित न रहकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का माध्यम बने।


📊 डिजिटल और भौतिक डेटा सत्यापन पर जोर

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों को परिवारवार सर्वेक्षण, निर्धारित प्रपत्रों में जानकारी भरने, डिजिटल एवं भौतिक डेटा सत्यापन, पोर्टल एंट्री और विभागवार योजनाओं की समीक्षा की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।


🌱 11 अगस्त तक चलेगा अभियान

अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान 1 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक चरणबद्ध रूप से चलेगा, जिसमें प्रशिक्षण, ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण, हितग्राही सत्यापन और विशेष शिविरों का आयोजन शामिल है। इसका लक्ष्य जिले में सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करना है।


🤝 समन्वय से ही सफल होगा अभियान

जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि अभियान की सफलता सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर निर्भर है। मास्टर ट्रेनरों को ब्लॉक स्तर पर सरल और व्यवहारिक तरीके से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं।

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