रायगढ़ में अधिवक्ताओं की बड़ी मांग: सुरक्षा कानून और स्थाई कमिश्नर कोर्ट की स्थापना पर जोर

4 Min Read
Advertisement

रायगढ़ । जिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रायगढ़ जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता लालमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ता सुरक्षा कानून (एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट) की मांग सहित रायगढ़ जिला मुख्यालय में स्थाई कमिश्नर कोर्ट शुरू करने की मांग को लेकर कलेक्टर रायगढ़ के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।


मुख्यमंत्री के नाम दो लिखित ज्ञापन सौंपकर रखी गई मांगें
अधिवक्ताओं ने अपने साथ मुख्यमंत्री के नाम दो लिखित ज्ञापन लेकर कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी को सौंपे और अपनी मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।


लंबे समय से अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग जारी
अधिवक्ताओं के अनुसार वे पिछले लंबे समय से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं और इसे लेकर उन्होंने लम्बा आंदोलन भी किया है। वर्तमान सरकार ने चुनाव पूर्व अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया था कि सत्ता में आने के कुछ समय बाद ही इस कानून को प्रदेश में लागू किया जाएगा, लेकिन करीब 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो कानून लागू हुआ है और न ही इस विषय में कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है, जिससे अधिवक्ताओं में निराशा व्याप्त है।


अधिवक्ता सुरक्षा कानून के उद्देश्य और प्रावधानों पर प्रकाश
वरिष्ठ अधिवक्ता लोकनाथ केसरवानी ने बताया कि अधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग का मुख्य उद्देश्य वकीलों के खिलाफ हिंसा, धमकियों और दुर्भावनापूर्ण मुकदमों को रोकना है। इसके तहत कोर्ट रूम, चैंबर और केस से संबंधित यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा वकीलों के खिलाफ हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल दोषियों को 6 महीने से 5 साल तक की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान करना शामिल है। साथ ही ऐसे मामलों को संज्ञेय (cognizable) और गैर-जमानती अपराध के रूप में दर्ज करने की विशेष व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है।


रायगढ़ में स्थाई कमिश्नर कोर्ट की आवश्यकता पर जोर
जिला अध्यक्ष लालमणि त्रिपाठी ने बताया कि रायगढ़ एक बड़ा जिला है, जिसके आसपास व्यापक ग्रामीण क्षेत्र स्थित है। यहां दर्जनों छोटे-छोटे राजस्व न्यायालय संचालित हैं और हजारों की संख्या में मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े हैं। वर्तमान में कमिश्नर कोर्ट महीने में केवल एक बार ही लग पाता है, जिसके कारण सैकड़ों जरूरतमंद ग्रामीणों को आवश्यक सुनवाई के लिए बिलासपुर जाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान हेतु रायगढ़ अधिवक्ता संघ द्वारा स्थानीय स्तर पर न्याय प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए स्थाई कमिश्नरी कोर्ट (Permanent Commissionary Court) की स्थापना की मांग की गई है।


वकीलों का तर्क: न्याय प्रक्रिया होगी तेज और सुलभ
वकीलों का कहना है कि स्थाई कमिश्नर कोर्ट की स्थापना से राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और वादकारियों को दूरस्थ स्थानों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इस दृष्टिकोण से रायगढ़ में राजस्व न्यायालयों के कामकाज और सुगमता के लिए स्थाई कमिश्नरी कोर्ट का गठन अत्यंत आवश्यक बताया गया है। इस मांग को लेकर पूर्व में राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार और प्रदर्शन भी किया जा चुका है।


कलेक्टर ने शासन स्तर पर कार्यवाही का दिया आश्वासन
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिवक्ताओं की दोनों मांगों को राज्य शासन के समक्ष रखने और उचित कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया है।


मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
लालमणि त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि यदि आने वाले कुछ महीनों में उनकी दोनों मांगों को लागू नहीं किया गया, तो वे पूर्व की तरह पुनः बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार की होगी।

TAGGED:
Share This Article