रायगढ़ में कॉलोनाइजर एक्ट के उल्लंघन पर प्रशासन सख्त, दो कॉलोनाइजरों को नोटिस

Advertisement
Advertisement

रायगढ़, 25 अगस्त 2026। जिले में नियमों की अनदेखी कर कॉलोनी विकास और प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए निर्धारित भूमि उपलब्ध कराए बिना प्लाटिंग करने तथा कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

ग्रीन पार्क कॉलोनी के मामले में दो लोगों को नोटिस

इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़ ने ग्राम बड़े अतरमुड़ा में विकसित की जा रही ग्रीन पार्क कॉलोनी के संबंध में दो संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है। दोनों को दो दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

ईडब्ल्यूएस भूमि उपलब्ध नहीं कराने का आरोप

प्रशासन के संज्ञान में आया कि ग्राम बड़े अतरमुड़ा, तहसील एवं जिला रायगढ़ स्थित खसरा नंबर 198/5, रकबा 1.0747 हेक्टेयर तथा खसरा नंबर 198/4, रकबा 0.9364 हेक्टेयर की भूमि पर ग्रीन पार्क नामक कॉलोनी विकसित कर भूखंडों का विक्रय किया गया है।

नोटिस के अनुसार कॉलोनी विकास के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए निर्धारित ईडब्ल्यूएस भूमि अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा सड़क, नाली, बिजली और पानी निकासी सहित आवश्यक मूलभूत विकास कार्य भी पूर्ण नहीं किए जाने की बात सामने आई है।

दो दिवस में जवाब देने के निर्देश

जारी नोटिस में अभिषेक अग्रवाल पिता कैलाश अग्रवाल, निवासी मोदी प्लाजा ढिमरापुर, रायगढ़ तथा कैलाश कुमार अग्रवाल पिता रामनिवास अग्रवाल, निवासी फेड्स कॉलोनी, रायगढ़ को संबोधित करते हुए दो दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधितों की होगी।

राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में अवैध एवं नियम विरुद्ध प्लाटिंग तथा कॉलोनी विकास के मामलों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदारों को कॉलोनाइजर एक्ट तथा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

मूलभूत सुविधाएं नहीं देने पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर ने विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित भूमि उपलब्ध कराए बिना प्लाटिंग किए जाने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलोनी विकास के नाम पर आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

कॉलोनाइजरों द्वारा सड़क, नाली, बिजली और पानी निकासी सहित आवश्यक विकास कार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से नियमों की अनदेखी कर कॉलोनी विकसित करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जिले में अवैध एवं अनियमित प्लाटिंग को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा।

Advertisement
Share This Article