पेंड्रारोड। द्वितीय अपर सत्र न्यायालय पेंड्रारोड ने सड़क दुर्घटना के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए शराब के नशे में कार चलाकर चार लोगों की मौत का कारण बने आरोपी स्नेहिल गुप्ता को कुल 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
15 जून 2025 को हुआ था भीषण हादसा
मामला 15 जून 2025 की रात का है। ग्राम सेंवरा के मेन रोड स्थित श्रीवास किराना दुकान के पास पेण्ड्रा की ओर से आ रही ब्रेजा कार (क्रमांक CG-31 B-2536) के चालक स्नेहिल गुप्ता ने शराब के नशे में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल सवारों को टक्कर मार दी थी।
इस दर्दनाक हादसे में भूपेन्द्र सिंह मरावी, रामअवतार उदय, गंगाराम गंधर्व और शानू केंवट की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद भवन सिंह मरावी की शिकायत पर थाना पेण्ड्रा में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
प्रत्येक मृतक के लिए 5-5 वर्ष की सजा
प्रकरण की सुनवाई के बाद द्वितीय अपर सत्र न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने प्रत्येक मृतक के लिए 5-5 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा निर्धारित की। इस प्रकार आरोपी को कुल 20 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक के बाद एक (क्रमिक रूप से) चलेंगी।
20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
न्यायालय ने आरोपी पर कुल 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक प्रकरण में 3-3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माना कि आरोपी भली-भांति जानता था कि शराब के नशे में तेज गति से वाहन चलाना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसके बावजूद उसने घोर लापरवाही और उपेक्षापूर्ण तरीके से वाहन चलाया, जिसके चलते चार लोगों की जान चली गई।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे मामलों में न्यूनतम सजा देना न तो कानून के अनुरूप होगा और न ही समाज के हित में।
शासन की ओर से हुई प्रभावी पैरवी
मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।




