नवापारा राजिम। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) इकाई गोबरा नवापारा द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के संरक्षण के उद्देश्य से “हमर चिरई, हमर चिन्हारी” के तहत सकोरा अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों और महाविद्यालयों में सकोरे रखकर उनमें पक्षियों के लिए दाना व पानी की व्यवस्था की गई।

गर्मी में पक्षियों के लिए जीवनदायिनी पहल, सकोरों में रखा गया दाना-पानी
गर्मी का मौसम शुरू होते ही जल संकट की स्थिति में पक्षियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए यह अभियान चलाया गया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने गोबरा नवापारा के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में सकोरे स्थापित किए और उनमें नियमित रूप से पानी और अनाज के दाने रखे गए।

पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्व का संदेश, सेवार्थ गतिविधियों पर जोर
अभाविप ने बताया कि संगठन केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि एस.एफ.डी. और सेवार्थ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहा है। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।

पेड़-पौधों की कटाई से बढ़ रहा संकट, पक्षियों के अस्तित्व पर खतरा
कार्यक्रम में बताया गया कि लगातार पेड़-पौधों की कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण पक्षियों और वन्य जीवों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं, ऐसे में इस प्रकार की छोटी-छोटी पहलें उनके जीवन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

“जल है तो कल है” का संदेश, जल संरक्षण पर भी दिया गया जोर
विद्यार्थी परिषद ने जल संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि आने वाले समय में जल का सीमित और समझदारीपूर्ण उपयोग आवश्यक है। संगठन ने कहा कि “जल है तो कल है”, इसलिए हर व्यक्ति को जल बचाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
अभियान में कई कार्यकर्ता रहे उपस्थित
इस अभियान में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीपक साहू, अभिषेक कंसारी, धर्मेन्द्र साहू, श्लोक शर्मा, हर्षित कंसारी, कुनाल साहू, दक्ष साहू, पूनम साहू, प्रियंका महतो सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
