अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
सेवा संकल्प अभियान के तहत दुर्गम इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट बनीं सहारा, 648 स्वास्थ्य शिविरों में 9 हजार से अधिक लोगों का पंजीयन
बिलासपुर, 18 सितंबर 2026। जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) बैगा और बिरहोर समुदायों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच में बदलाव देखने को मिला है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण जहां पहले इलाज के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं उनके गांवों तक पहुंच रही हैं।
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान पीएम जनमन के तहत शुरू की गई पहल के माध्यम से जिले के चिन्हित दुर्गम गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
गांव तक पहुंचा चलता-फिरता अस्पताल
पीएम जनमन योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बिलासपुर जिले को तीन अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं। इन यूनिट्स को विकासखंड कोटा, तखतपुर और मस्तूरी के बैगा-बिरहोर बहुल क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है।
जिले में चिन्हित 54 बैगा-बिरहोर ग्रामों और बसाहटों में से 26 अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों तक इन चलित चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
648 स्वास्थ्य शिविरों में हजारों लोगों को मिला परामर्श
मोबाइल मेडिकल यूनिट के संचालन से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का दायरा बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक तीनों मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 648 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।
इन शिविरों में 9,130 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया, जबकि जरूरतमंद लोगों को कुल 13,626 चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराए गए। ये आंकड़े दुर्गम क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने को दर्शाते हैं।
जांच से लेकर दवाइयों तक गांव में सुविधा
मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, नर्स और लैब टेक्नीशियन की टीम तैनात रहती है। ग्रामीणों को गांव में ही 25 प्रकार की पैथोलॉजी जांच और आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन सेवाओं के माध्यम से मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ, कुपोषण और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और उपचार पर भी काम किया जा रहा है।
इसके अलावा मोबाइल यूनिट के जरिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है, जिससे बीमारियों की शुरुआती पहचान में मदद मिल रही है।
दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवा की नई तस्वीर
बैगा-बिरहोर समुदायों के दूरस्थ गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। जहां पहले इलाज और जांच के लिए लंबी दूरी तय करना चुनौती थी, वहीं अब चिकित्सा दल गांव तक पहुंचकर लोगों को जांच, परामर्श और दवाइयां उपलब्ध करा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत संचालित यह पहल दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में जारी प्रयासों को रेखांकित करती है।




