वर्षों से गर्मी में सूखते जलस्रोत और पेयजल के लिए दर-दर भटकते ग्रामीणों की पीड़ा बनी थी बड़ी चुनौती
गर्मी का मौसम शुरू होते ही गांव में जलस्तर तेजी से गिर जाता था। हैंडपंप और अन्य जलस्रोत जवाब दे देते थे, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता था। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह समस्या वर्षों से बनी हुई थी और हर गर्मी में गांव के लिए गंभीर संकट का कारण बनती थी।

बीडीसी धनंजय बॉयल और सरपंच पति मोनू यादव की पहल से पंचायत को मिला पानी टैंकर, दिखी दूरदर्शी सोच
गांव की इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए बीडीसी सदस्य धनंजय बॉयल और सरपंच पति मोनू यादव ने विशेष प्रयास कर पंचायत को पानी का टैंकर उपलब्ध कराया। उनके सहयोग से यह महत्वपूर्ण सुविधा गांव को समर्पित की गई। यह कदम तत्काल राहत के साथ-साथ भविष्य में जल संकट से निपटने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ग्रामीणों ने कहा – वर्षों बाद किसी जनप्रतिनिधि ने उठाया ठोस कदम, अब मिलेगी राहत
गांववासियों ने इस पहल की खुलकर सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय बताया। उनका कहना है कि विगत कई वर्षों से जल संकट बना हुआ था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो पाई थी। अब पानी टैंकर मिलने से गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों की मौजूदगी में सौंपा गया टैंकर, विकास को लेकर दिखा उत्साह

इस अवसर पर बीडीसी सदस्य धनंजय बॉयल, सरपंच पति मोनू यादव, पिंटू यादव, अरविंद बंजारे, अमित कुर्रे, पूर्णिमा कुर्रे, विदेशी साहू, विकास महादेवा, दीपक सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने गांव के समग्र विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।

जल संकट से जंग में मिली बड़ी सफलता, गांव में विकास की नई उम्मीद जगी
पानी टैंकर की सौगात को ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह पहल दर्शाती है कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशील और सक्रिय हों, तो जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान संभव है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसी ही विकासात्मक पहलों से गांव की तस्वीर बदलेगी।
