गौरेला में धार्मिक यात्रा का शुभारंभ, नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने पूजा-अर्चना कर दिखाई हरी झंडी
गौरेला। नगर की प्रसिद्ध धार्मिक संस्था राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का दल पवित्र मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए रवाना हुआ। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे एवं उपाध्यक्ष रोशनी तापस शर्मा ने पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं को तिलक लगाया और हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया।
इस दौरान नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। समिति के सदस्यों और नगरवासियों ने श्रद्धालुओं को सफल एवं मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
नर्मदा परिक्रमा को बताया सौभाग्य का अवसर
नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां नर्मदा की परिक्रमा करना सौभाग्य और आस्था से जुड़ा अवसर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद एवं मंगलमय होने की कामना की।
वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष रोशनी तापस शर्मा ने श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर विदाई दी। उन्होंने भी सभी यात्रियों के सुरक्षित लौटने की कामना की।
13 दिनों की होगी धार्मिक यात्रा
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार नर्मदा परिक्रमा यात्रा करीब 13 दिनों की होगी। 42 श्रद्धालुओं का दल सबसे पहले अमरकंटक पहुंचेगा। यहां मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर संकल्प लेकर परिक्रमा की शुरुआत की जाएगी।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु मध्यप्रदेश से होते हुए महाराष्ट्र और गुजरात के भरूच तक जाएंगे। इसके बाद नर्मदा के दूसरे तट से होते हुए वापस अमरकंटक पहुंचकर परिक्रमा पूर्ण की जाएगी।
प्रमुख तीर्थ स्थलों के भी करेंगे दर्शन
नर्मदा परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को कई प्रमुख धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा। यात्रा में ओंकारेश्वर, महेश्वर, नेमावर और गरुड़ेश्वर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है।
श्रद्धालु इन स्थानों पर पूजा-अर्चना और दर्शन कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
धार्मिक परंपरा में नर्मदा परिक्रमा का विशेष महत्व
हिंदू धार्मिक परंपरा में मां नर्मदा की परिक्रमा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नर्मदा को मोक्षदायिनी नदी कहा गया है। नर्मदा परिक्रमा को आस्था, साधना और आध्यात्मिक यात्रा से जोड़कर देखा जाता है।
परंपरागत रूप से नर्मदा नदी की परिक्रमा अमरकंटक से शुरू कर दोनों तटों के मार्ग से होते हुए पुनः उद्गम स्थल पर पूर्ण की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में इस यात्रा को पुण्यदायी और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है।
बड़ी संख्या में नगरवासी रहे मौजूद
श्रद्धालुओं की विदाई के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे, उपाध्यक्ष रोशनी तापस शर्मा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष राखी सिंह गहलोत, कौशल मणि तिवारी, भगत मेथवानी, उमेश अग्रवाल, तापस शर्मा, शंकर सोनी, चंद्रमोहन नामदेव, विकास केशरी, राजेश साहू, गोविंद सहाय, राकेश दुबे, मौसम ताम्रकार सहित रामायण समिति के सदस्य, नगर पालिका के पार्षद और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
धार्मिक जयकारों और शुभकामनाओं के बीच श्रद्धालुओं का जत्था मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए रवाना हुआ।
