वट सावित्री पर्व पर आस्था का संगम: सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की

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कुठौंद (जालौन)

वट सावित्री पर्व के अवसर पर नगर के प्राचीन वट वृक्षों के पास दिनभर बना रहा धार्मिक माहौल

वट सावित्री पर्व के पावन अवसर पर नगर कुठौंद में सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ श्रद्धा एवं विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। नगर के थाना परिसर और मुख्य बाजार स्थित प्राचीन वट वृक्षों के पास धार्मिक माहौल देखने को मिला, जहां महिलाओं की आवाजाही दिनभर बनी रही।

सुहागिन महिलाओं और पुलिस प्रशासन की बहनों के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुईं पूजा शुक्ला

इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं और पुलिस प्रशासन की बहनों के साथ हिन्दू हृदय सम्राट जनप्रिय पूजा शुक्ला नेता जी ने भी व्रत रखकर अमावस्या पूजा मुहूर्त के अनुसार वट सावित्री व्रत का पालन किया। उन्होंने बरगद के वृक्ष की पूजा-अर्चना कर कन्याओं को फल और मिष्ठान का दान भी किया।

पर्व के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे से मिलकर शुभकामनाएं भी साझा कीं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्साहपूर्वक पर्व मनाया।

भाजपा महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष पूजा शुक्ला ने व्रत और उसके धार्मिक महत्व की दी जानकारी

भाजपा महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष पूजा शुक्ला ने उपस्थित महिलाओं को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि और वट सावित्री व्रत के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वट अमावस्या या वट सावित्री अमावस्या (बड़मावस) सुहागिन महिलाओं का अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है, जिसे पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस दिन महिलाएं बरगद के वृक्ष की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करती हैं।

प्राचीन वट वृक्षों पर महिलाओं की दिनभर बनी रही भीड़, श्रद्धा और परंपरा का दिखा उत्साह

वट सावित्री पर्व के दौरान नगर के विभिन्न वट वृक्षों पर महिलाओं की भीड़ लगातार बनी रही। धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति उत्साह ने पूरे क्षेत्र में श्रद्धा का वातावरण बना दिया।

 

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