आपदा में बेहाल किसानों को राहत दे सरकार, राज्योत्सव के खर्च में करे कटौती : जयमाला सिंह

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Chhattisgarh Farmers Relief Demand: 1 नवंबर को प्रभावित किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित करने की मांग, सब्जी उत्पादकों और छोटे कारोबारियों को भी राहत देने की अपील

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अर्नव तूफान के प्रभाव से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। प्राकृतिक आपदा के इस दौर में कांग्रेस नेत्री एवं पीसीसी डेलीगेट जयमाला सिंह ने राज्य सरकार से राज्योत्सव के भव्य आयोजनों पर होने वाले खर्च में कटौती कर आपदा प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रभावित किसानों के बैंक खातों में सहायता राशि अंतरित की जाए, ताकि संकट की घड़ी में उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।

छोटे और सीमांत किसानों की चिंता बढ़ी

जयमाला सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ता है। इनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर होती है और कम कृषि रकबे के कारण फसल नुकसान की भरपाई के विकल्प भी सीमित रहते हैं। लगातार बारिश और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका के बीच किसान परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की परेशानी को गंभीरता से समझते हुए तत्काल राहत देने की पहल करनी चाहिए। मौसम की गंभीरता को देखते हुए जब स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा है, तो किसानों की समस्याओं पर भी उतनी ही गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रभावित किसानों की पहचान कर जल्द मिले सहायता

कांग्रेस नेत्री ने सरकार से मांग की कि मौसम संबंधी सूचनाओं और स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रभावित किसानों की पहचान कर राहत वितरण की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि संकट के समय लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय त्वरित निर्णय जरूरी हैं, ताकि जरूरतमंद किसान परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

सब्जी उत्पादकों और छोटे कारोबारियों को भी राहत देने की मांग

जयमाला सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का असर केवल धान और अन्य फसल उत्पादक किसानों तक सीमित नहीं है। साग-सब्जी की खेती करने वाले उत्पादकों के साथ छोटे दुकानदारों और लघु व्यवसायियों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। ऐसे लोगों को भी आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे इस मुश्किल दौर से उबर सकें।

राज्योत्सव पर राहत राशि को बताया वास्तविक उपहार

उन्होंने केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री से अपील की कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने को प्राथमिकता दी जाए। राज्योत्सव केवल समारोह और उत्सव तक सीमित न रहे, बल्कि संकट से जूझ रहे लोगों की मदद का अवसर भी बने।

जयमाला सिंह ने कहा कि जब प्रदेश का अन्नदाता प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, तब राज्योत्सव के दिन किसानों के खातों में राहत राशि पहुंचाना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार होगा। सरकार का पहला दायित्व संकट की इस घड़ी में किसानों और प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देना होना चाहिए।

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