रायगढ़ मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 62.41 लाख रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति तय की, 19 फरवरी 2025 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश
रायगढ़। सड़क दुर्घटना में 36 वर्षीय युवक की मौत के मामले में रायगढ़ मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने मृतक के आश्रित परिजनों के पक्ष में 62 लाख 41 हजार 650 रुपये की क्षतिपूर्ति निर्धारित की है। इसके साथ ही अधिकरण ने आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख 19 फरवरी 2025 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है। उपलब्ध गणना के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 तक मूल क्षतिपूर्ति और ब्याज की कुल राशि लगभग 69.65 लाख रुपये होती है। मामले में पीठासीन अधिकारी जितेंद्र कुमार जैन ने आदेश पारित किया। आवेदक पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रवीण कुमार त्रिपाठी और अधिवक्ता उपासना कुलदीप ने पैरवी की।
घरघोड़ा के पास ट्रक की टक्कर से हुई थी दुर्घटना
प्रकरण के अनुसार, 10 दिसंबर 2024 को अनिल कुमार कुर्रे अपने साथी रघुनाथ साहू और डंडराम जायसवाल के साथ दो मोटरसाइकिलों से रायगढ़ में बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने कॉर्नेल स्कूल के पास पहुंचे थे। काम पूरा होने के बाद वे वापस लौट रहे थे। डंडराम जायसवाल की बजाज सिटी 100 मोटरसाइकिल क्रमांक CG-13-XS-9065 को अनिल कुर्रे चला रहे थे, जबकि दूसरी मोटरसाइकिल पर रघुनाथ साहू और डंडराम जायसवाल सवार थे।
तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर, अस्पताल में हुई मौत
आवेदन में बताया गया कि शाम करीब 6:15 बजे घरघोड़ा स्थित बालाजी पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रहे ट्रक क्रमांक MP65H0112 के चालक ने कथित तौर पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए अनिल कुर्रे की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। दुर्घटना में अनिल कुर्रे के सिर, नाक, हाथ और दोनों पैरों में चोटें आईं तथा मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें उपचार के लिए ओपेक्स अस्पताल, रायगढ़ ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। घटना के संबंध में पुंजीपथरा थाने में अपराध क्रमांक 274/2024 दर्ज किया गया था।
जिंदल स्टील में फिटर थे मृतक, 60 हजार रुपये से अधिक बताई गई आय
अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत विवरण के अनुसार, दुर्घटना के समय अनिल कुर्रे की आयु 36 वर्ष थी। वह जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के एसएसडी कैंपस, पुंजीपथरा में फिटर के पद पर कार्यरत थे और उन्हें 31,531 रुपये मासिक वेतन मिलता था। इसके अतिरिक्त स्वरोजगार से लगभग 30,000 रुपये प्रतिमाह आय होने की बात भी आवेदन में कही गई। इस तरह उनकी कुल मासिक आय 60,531 रुपये बताई गई। मृतक परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी, पिता और अन्य आश्रित परिजनों ने आर्थिक नुकसान सहित विभिन्न मदों में क्षतिपूर्ति की मांग की थी।
अलग-अलग मदों में निर्धारित की गई क्षतिपूर्ति
अधिकरण ने आय की हानि, भविष्य में आय की हानि, अंतिम संस्कार व्यय, संपत्ति की हानि और परिजनों के स्नेह से वंचित होने सहित विभिन्न मदों में क्षतिपूर्ति का आकलन किया। आय की हानि के लिए 40,09,100 रुपये, भविष्य में आय की हानि के लिए 20,04,550 रुपये, अंतिम संस्कार व्यय के लिए 18,000 रुपये, संपत्ति की हानि के लिए 18,000 रुपये और स्नेह से वंचित होने के मद में 1,92,000 रुपये निर्धारित किए गए। इन सभी मदों को मिलाकर कुल क्षतिपूर्ति राशि 62,41,650 रुपये तय की गई।
7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान का आदेश
अधिकरण ने आदेश दिया कि आवेदकगण को 19 फरवरी 2025 से क्षतिपूर्ति राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाए। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के स्वामित्व, नियोजन और बीमा से संबंधित तथ्यों के आधार पर अधिकरण ने बीमा कंपनी सहित संबंधित अनावेदकों के विरुद्ध क्षतिपूर्ति राशि और ब्याज के भुगतान का आदेश पारित किया। इस निर्णय से सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक के आश्रित परिजनों को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता प्रशस्त हुआ है।
आवेदक पक्ष की ओर से पैरवी: अधिवक्ता प्रवीण कुमार त्रिपाठी एवं अधिवक्ता उपासना कुलदीप।


