गुड़ेली। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत गुड़ेली में आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 192 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 116 लोगों की हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से जांच की गई, जबकि 76 लोगों का ब्लड प्रेशर और शुगर परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को उनकी समस्याओं के अनुसार परामर्श दिया और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी वितरित कीं।
192 लोगों की हुई जांच, टीबी की पहचान पर विशेष जोर
शिविर में ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही क्षय रोग यानी टीबी की संभावित पहचान पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके लिए हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया। जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति में असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसकी आगे की जांच कराकर आवश्यक उपचार की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना है।
बीपी और शुगर जांच के साथ मिली स्वास्थ्य संबंधी सलाह
शिविर में 76 लोगों का ब्लड प्रेशर और शुगर परीक्षण किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें 16 लोगों का शुगर स्तर बढ़ा हुआ पाया गया, जबकि शेष 60 लोगों को सिरदर्द तथा हाथ-पैरों में दर्द जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में परामर्श दिया गया। हालांकि, इन 60 लोगों की जांच के विशिष्ट परिणामों का विवरण उपलब्ध नहीं है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क दवाइयां भी दी गईं। शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को नियमित जांच कराने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया।
टीबी के लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, बलगम आना, बलगम में खून दिखाई देना, सीने में दर्द, लगातार बुखार, वजन कम होना और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और निर्धारित उपचार से टीबी का इलाज संभव है।
स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की रही भागीदारी
ग्राम पंचायत गुड़ेली में आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों से लोगों को स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलती है और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करने में सहायता मिलती है।


