भजन-गीतों से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
सारंगढ़। पी.एम. श्री सेजेस सारंगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरूकता गतिविधियों में सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा भावना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता तथा बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा। इस दौरान स्वयंसेवकों ने गांधीजी के प्रिय भजनों एवं प्रेरणादायक गीतों की प्रस्तुति दी।

स्वच्छता शपथ के साथ चला श्रमदान अभियान
स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत विद्यार्थियों और NSS स्वयंसेवकों ने स्वच्छता की शपथ ली। इसके बाद परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने श्रमदान करते हुए लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
स्वच्छता अभियान के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली के माध्यम से स्वच्छता, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।

वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों से साझा की आत्मीयता
कार्यक्रम की अगली कड़ी में वृद्ध जन दिवस के अवसर पर स्थानीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया गया। विद्यार्थियों और NSS स्वयंसेवकों ने वृद्धजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके जीवन के अनुभवों को आत्मीयता से सुना।
इस दौरान वृद्धजनों को फल, दाल, चावल सहित आवश्यक खाद्य सामग्री वितरित की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बुजुर्ग परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सेवा, सम्मान और देखभाल करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और संस्कारों का भी प्रतीक है।
‘सेवा ही संस्कार है’ की भावना को किया आत्मसात
कार्यक्रम अधिकारी हरेकृष्ण साहू, सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती सरिता कुजूर एवं श्री ओमप्रकाश टंडन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
पूरे आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने ‘सेवा ही संस्कार है’ की भावना को आत्मसात करते हुए स्वच्छता, सेवा, सहयोग, सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा भी दी कि समाज के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन केवल विशेष अवसरों पर नहीं, बल्कि नियमित रूप से किया जाना चाहिए।
सेवा, स्वच्छता और वृद्धजनों के सम्मान के प्रति निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


