25 सितंबर को ट्रैकिंग पर निकले थे पांचों, बुधवार को परिजनों से हुई बात; गंगी-घुत्तू की ओर से सुरक्षित निकलने की जानकारी
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट पर गए पांच ट्रैकरों से संपर्क टूटने के बाद बुधवार को राहत की खबर सामने आई है। सभी पांचों ट्रैकरों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। परिजनों ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को जानकारी दी कि उनकी पांचों से बातचीत हो गई है और सभी सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार, सभी ट्रैकर गंगी-घुत्तू, टिहरी की ओर से सुरक्षित बाहर निकल गए हैं।
25 सितंबर को ट्रैकिंग के लिए निकला था दल
बताया गया कि पांचों लोग 25 सितंबर को केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक पर गए थे। इसके बाद उनकी ऑडिन कोल ट्रैक के रास्ते गंगोत्री जाने की योजना थी। निर्धारित समय पर संपर्क नहीं होने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को इसकी सूचना दी।
ट्रैकिंग दल में कौन-कौन था?
ट्रैकिंग दल में चंद्रापुरी निवासी और 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार में तैनात अमित फर्सवाण, जग्गी बगवान निवासी एवं 40वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग में तैनात नवीन रावत, उत्तरकाशी वन विभाग में फॉरेस्टर प्रवेश चौहान, जग्गी बगवान निवासी विवेक और रांऊलेंक निवासी तथा वर्तमान में केदारनाथ में पशुपालन विभाग में तैनात संजय सिंह रावत शामिल थे।
प्रशासन ने शुरू किया था समन्वय
पांचों से संपर्क नहीं होने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों से समन्वय कर जानकारी जुटानी शुरू की। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस नियंत्रण कक्ष, वन विभाग और 40वीं वाहिनी पीएसी से संपर्क कर ट्रैकिंग दल के संबंध में जानकारी जुटाई गई।
बुधवार को परिजनों से संपर्क होने के बाद पांचों ट्रैकरों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई। सभी के सुरक्षित होने की सूचना मिलने के बाद परिजनों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
