सास-बहू से लेकर पति-पत्नी तक ने दी परीक्षा, सेल्फी जोन और तिलक-माला से हुआ परीक्षार्थियों का स्वागत
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में रविवार, 27 सितंबर 2026 को Ullas Mahapariksha GPM का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित इस राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा में जिले के हजारों नवसाक्षरों ने हिस्सा लिया। यह परीक्षा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में कराई गई।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में 270 केंद्रों पर हुआ आयोजन
कलेक्टर विजय दयाराम के.के. के मार्गदर्शन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिले के तीनों विकासखंडों की ग्राम पंचायतों और तीन नगरीय निकायों में बनाए गए 270 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई। Ullas Mahapariksha GPM को सुचारू रूप से कराने के लिए 270 केंद्राध्यक्ष और 344 पर्यवेक्षक व सह-मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए गए थे, जबकि मॉनिटरिंग दल जिला और विकासखंड स्तर पर लगातार निरीक्षण करता रहा।

शाम 4 बजे तक की रिपोर्ट में 5518 परीक्षार्थी शामिल
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके नजदीकी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। शाम 4 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार 5518 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने किया आकस्मिक निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी ने जिला मॉनिटरिंग दल के साथ शासकीय माध्यमिक शाला सरकारीपारा पेंड्रा, माध्यमिक शाला बचरवार, अड़भार, सकोला, दमदम, मझगवां और माहोरा के परीक्षा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 65 वर्षीय दौजी बाई और उनकी 38 वर्षीय बहू रुक्मणी बाई एक साथ परीक्षा देती मिलीं। इसके अलावा बेलपत में 78 वर्षीय प्रेम सिंह और 72 वर्षीय कृपाल सिंह ने भी मूल्यांकन परीक्षा दी। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन सभी के पास बैठकर बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया।
विकासखंड स्तर पर भी अधिकारियों ने देखी व्यवस्था
गौरेला विकासखंड में विकासखंड शिक्षा अधिकारी उपेंद्र सिंह ने मड़ना, पतरकोनी, देवरगांव, पकरिया, झगराखांड और धनौली के केंद्रों का अवलोकन किया। मरवाही विकासखंड में संजय वर्मा ने सिवनी, मरवाही और गुदुमदेवरी में संचालित केंद्रों को देखा। पेंड्रा विकासखंड में आर.एन. चंद्रा और संजय नामदेव ने दमदम, सकोला और कुडकई के केंद्रों का जायजा लिया, जबकि डाइट की उषा मित्रा ने सिलपहरी, अंडी और मझगवां के केंद्रों का निरीक्षण किया। जिला मॉनिटरिंग दल में जिला नोडल अधिकारी मुकेश कोरी, सहायक जिला नोडल संजय गुप्ता, प्राचार्य बनवाली वासुदेव, व्याख्याता अनिल मिश्रा, उषा मित्रा और आलोक शुक्ला शामिल रहे।
परिवार के परिवार पहुंचे परीक्षा देने, आदर्श केंद्र में सेल्फी जोन
Ullas Mahapariksha GPM में कई परिवारों के सदस्य एक साथ परीक्षा देने पहुंचे। सास-ससुर, पति-पत्नी और देवरानी-जेठानी अलग-अलग केंद्रों पर परीक्षा में शामिल हुए। कुछ केंद्रों को सेल्फी जोन के साथ आदर्श परीक्षा केंद्र के रूप में तैयार किया गया था। नवसाक्षरों ने पूरे उत्साह से महापरीक्षा अभियान में हिस्सा लिया, और उनका स्वागत फूल-माला, गुलदस्ता और तिलक लगाकर किया गया।
कंट्रोल रूम से हुई निगरानी, कई लोगों का रहा योगदान
परीक्षा की निगरानी के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए थे। पूरी परीक्षा के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय वर्मा, उपेंद्र सिंह और आर.एन. चंद्रा, बीआरसीसी संतोष सोनी और संजय नामदेव, ब्लॉक नोडल अधिकारी आलोक शुक्ला, संजय टांडिया और राकेश चौधरी, जोन प्रभारी, संकुल प्राचार्य, संकुल शैक्षिक समन्वयक, स्काउट एवं गाइड के विद्यार्थी, स्वयंसेवी शिक्षक तथा डाइट पेंड्रा के स्टाफ और छात्राध्यापकों ने अहम योगदान दिया।
सफल परीक्षार्थियों को मिलेगा प्रमाण पत्र
परीक्षा में सफल होने वाले नवसाक्षरों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
