गंगरेल बांध हुआ लबालब, सभी 14 गेट खोले गए; महानदी में छोड़ा जा रहा 2.06 लाख क्यूसेक पानी

100 फीसदी भराव के बाद जल प्रबंधन और सुरक्षा के मद्देनजर बढ़ाई गई पानी की निकासी, महानदी का जलस्तर बढ़ा

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले गंगरेल बांध में लगातार हो रही बारिश के चलते पानी की आवक बढ़ गई है। कैचमेंट क्षेत्र में जारी मूसलाधार बारिश के बाद बांध अपनी निर्धारित जलभराव क्षमता तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जल प्रबंधन और बांध की सुरक्षा के मद्देनजर सभी 14 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं।

32 टीएमसी क्षमता वाला बांध 100 फीसदी भरा

गंगरेल बांध की जलभराव क्षमता करीब 32 टीएमसी बताई गई है। लगातार बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से हो रही पानी की आवक के चलते बांध के पूरी क्षमता तक भर जाने के बाद अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई है।

महानदी में 2.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

सभी 14 गेट खोले जाने के बाद बांध से महानदी में करीब 2 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के जलस्तर पर भी इसका असर पड़ रहा है।

निचले इलाकों में बढ़ सकती है सतर्कता की जरूरत

बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते महानदी के प्रवाह वाले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से जलस्तर तथा पानी की आवक-निकासी पर नजर रखी जा रही है।

गंगरेल बांध में पानी की आवक और मौसम की स्थिति के अनुसार गेटों से पानी की निकासी को आगे भी नियंत्रित किया जाएगा।

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