‘मेरे सपनों का भारत’ में छात्राओं ने रखे अपने विचार, दीपका ने हासिल किया प्रथम स्थान

जनता सनातन धर्म इंटर कॉलेज कुठौंद में ब्लॉक स्तरीय भाषण प्रतियोगिता, विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर किया सम्मानित

कुठौंद, जालौन। विकासखंड कुठौंद में सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लॉक स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन जनता सनातन धर्म इंटर कॉलेज कुठौंद में किया गया। ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में क्षेत्र के तीन विद्यालयों की छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता में छात्राओं ने भारत के भविष्य, युवाओं की भूमिका, शिक्षा, सामाजिक विकास और देश के प्रति अपनी अपेक्षाओं से जुड़े विचार भाषण के माध्यम से सामने रखे।

तीन विद्यालयों की छात्राओं ने लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में जनता सनातन धर्म इंटर कॉलेज कुठौंद, लहरी बाबा इंटर कॉलेज बावली और श्री बाबा दयाल इंटर कॉलेज एको की छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने निर्धारित विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसके बाद निर्णायक मंडल द्वारा प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।

दीपका ने हासिल किया पहला स्थान

प्रतियोगिता में जनता सनातन धर्म इंटर कॉलेज कुठौंद की कक्षा 11 की छात्रा दीपका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी विद्यालय की कक्षा 12 की छात्रा आंशका द्वितीय स्थान पर रहीं।

वहीं श्री बाबा दयाल इंटर कॉलेज एको की कक्षा 11 की छात्रा एंजिल ने तीसरा स्थान हासिल किया।

विजेता छात्राओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष पूजा शुक्ला रहीं। उन्होंने विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। छात्राओं का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें माला पहनाकर भी सम्मानित किया गया।

पूजा शुक्ला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

शिक्षकों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें हरिओम तिवारी, आशीष शुक्ला, शैलेन्द्र, वीरेंद्र सिंह, नारपाल राठौर, दिनेश दुबे (पंत), सुनील दुबे, संजय प्रजापति, मुकेश पाल, बृजेश झा और समरथ सिंह सेंगर सहित अन्य लोग शामिल रहे।

प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषण कला, विचार अभिव्यक्ति और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना रहा।

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