कोटा पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 20 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

‘चेतना विरुद्ध नशा’ और ‘प्रहार’ अभियान के तहत कार्रवाई, पेंट की दो बाल्टियों में छिपाकर रखी थी शराब

मुखबिर की सूचना पर धनुहारपारा में पुलिस की दबिश

बिलासपुर। जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को अवैध कच्ची महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 20 लीटर महुआ शराब बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 हजार रुपये बताई गई है।

यह कार्रवाई ‘चेतना विरुद्ध नशा’ और ‘प्रहार’ अभियान के तहत की गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

ग्राहकों की तलाश में था आरोपी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बिल्लीबंद के धनुहारपारा में एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में अवैध शराब लेकर ग्राहकों का इंतजार कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद कोटा पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।

पुलिस ने मौके से दिनेश लहरे (36 वर्ष), निवासी धनुहारपारा बिल्लीबंद को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास दो प्लास्टिक की पेंट बाल्टियां मिलीं।

दो बाल्टियों से बरामद हुई 20 लीटर शराब

पुलिस के अनुसार दोनों बाल्टियों में करीब 10-10 लीटर कच्ची महुआ शराब भरी हुई थी। इस तरह कुल 20 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। शराब को जब्त करने के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज

कोटा पुलिस ने आरोपी दिनेश लहरे के खिलाफ अपराध क्रमांक 768/2026 दर्ज किया है। उसके विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण कायम कर विधिवत गिरफ्तारी की गई।

पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

यह कार्रवाई उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में की गई।

छापामार कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, प्रधान उप निरीक्षक भूपेश देहाती, प्रधान उप निरीक्षक टीका राम निषाद, प्रधान उप निरीक्षक अर्चना साहू, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव तथा आरक्षक धर्मेंद्र साहू (192), सुनील पटेल (1092), ज्वाला सिंह (1454) और जलेश्वर साहू (252) की सक्रिय भूमिका रही।

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