बाल भवन में खिड़की से घुसकर कंप्यूटर उपकरण चोरी, नाबालिग पकड़ा गया

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

सरकंडा पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया मामला, चोरी हुआ करीब 30 हजार रुपये का पूरा सामान बरामद

बाल भवन की खिड़की के रास्ते दाखिल होकर दो मॉनिटर समेत माउस और एक्सटेंशन बोर्ड ले गया था

बिलासपुर, 13 सितंबर 2026। सरकंडा थाना क्षेत्र के इमलीभाठा स्थित बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों के केंद्र ‘बाल भवन’ में सेंधमारी कर कंप्यूटर उपकरण चोरी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने वारदात के कुछ ही घंटों में एक विधि से संघर्षरत बालक को संरक्षण में लेकर चोरी का खुलासा किया और उसके कब्जे से चोरी हुआ पूरा सामान बरामद कर लिया।

खिड़की के रास्ते बाल भवन में घुसा

कतियापारा, जूना बिलासपुर निवासी स्वाति गुप्ता इमलीभाठा स्थित ‘मितवा संस्था’ के बाल भवन में एक्टिविटी सेंटर संचालित करती हैं। उनके अनुसार 10 सितंबर की रात करीब 8 बजे से 11 सितंबर की सुबह 9:30 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति ने भवन की खिड़की से अंदर प्रवेश किया।

इसके बाद वहां रखे दो कंप्यूटर मॉनिटर, माउस और एक्सटेंशन बोर्ड चोरी कर लिए गए। 12 सितंबर को घटना की रिपोर्ट सरकंडा थाने में दर्ज कराई गई।

पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 1302/2026, धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों से मिला सुराग

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों तथा संभावित सुरागों की जांच शुरू की।

जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह एक नाबालिग बालक पर गया। उसे संरक्षण में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बाल भवन की खिड़की से अंदर जाकर कंप्यूटर उपकरण चोरी करना स्वीकार किया।

30 हजार रुपये का पूरा सामान बरामद

पुलिस ने नाबालिग के कब्जे से चोरी किए गए सभी उपकरण बरामद कर लिए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है।

बरामद सामान में शामिल हैं—

  • Lenovo कंपनी का 1 मॉनिटर
  • ACER कंपनी का 1 मॉनिटर
  • 1 माउस
  • 1 एक्सटेंशन बॉक्स

किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष होगी पेशी

पुलिस ने चोरी का पूरा सामान विधिवत जब्त कर लिया है। विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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