ससकोबा में 12.89 लाख और गनपतपुर में 18.86 लाख रुपये के खाद्यान्न की कमी का खुलासा
ई-पॉस मशीन में फिंगर लगवाने के बाद राशन नहीं देने का आरोप, ससकोबा में दो गिरफ्तार
रायगढ़, 12 सितंबर 2026। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न में बड़ी अनियमितता सामने आई है। धरमजयगढ़ विकासखंड के ससकोबा और गनपतपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकानों की जांच में लाखों रुपये के चावल, शक्कर और नमक की कमी मिली है। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर रैरूमाखुर्द चौकी पुलिस ने दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में हुई कार्रवाई के तहत ससकोबा पीडीएस दुकान के संचालन से जुड़े दो पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
ससकोबा में 12.89 लाख रुपये के खाद्यान्न की कमी
खाद्य विभाग ने 3 सितंबर 2026 को ग्राम ससकोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 का निरीक्षण किया। भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान में 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक कम पाया गया। विभाग के अनुसार इन खाद्यान्नों की कुल कीमत करीब 12 लाख 89 हजार 375 रुपये है।
जांच के दौरान अगस्त 2026 में हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन पर फिंगर लगवाने के बाद भी उन्हें राशन वितरित नहीं किए जाने की बात सामने आई। खाद्य विभाग ने इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित नियमों का उल्लंघन माना है।
संचालन एजेंसी की अध्यक्ष और सचिव गिरफ्तार
जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में सरोज स्व सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया (45), सचिव माधुरी बाई राठिया (44) और विक्रेता बिहारी राठिया को आरोपी बनाया गया।
रैरूमाखुर्द चौकी पुलिस ने उमाबाई राठिया और माधुरी बाई राठिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं विक्रेता बिहारी राठिया, पिता बृजसिंह राठिया, निवासी ससकोबा फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
गनपतपुर में 18.86 लाख के खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला
इसी तरह ग्राम गनपतपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009080 की जांच में भी खाद्यान्न की बड़ी कमी सामने आई। भौतिक सत्यापन में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक कम पाया गया।
खाद्य विभाग के अनुसार कम पाए गए खाद्यान्न की कुल कीमत करीब 18 लाख 86 हजार 345 रुपये है।
महिला स्व सहायता समूह से जुड़े लोगों पर कार्रवाई
जांच में गनपतपुर दुकान का संचालन जननी महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जाना पाया गया। इसमें अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज खान की भूमिका सामने आई है।
जांच प्रतिवेदन और पंचनामा के आधार पर शासकीय खाद्यान्न में गड़बड़ी और पीडीएस नियमों के उल्लंघन को लेकर वैधानिक कार्रवाई की गई है। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
दोनों मामलों में ईसी एक्ट के तहत अपराध दर्ज
रैरूमाखुर्द चौकी, थाना धरमजयगढ़ में दोनों मामलों में अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने अपराध क्रमांक 288/2026 और 289/2026 के तहत धारा 3 और 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
पुलिस के अनुसार ससकोबा मामले में फरार विक्रेता बिहारी राठिया तथा गनपतपुर मामले में रूबीना खान, शाहिन खान और शहनवाज खान की गिरफ्तारी शेष है।
एसएसपी ने दी सख्त चेतावनी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले राशन में किसी भी तरह की हेराफेरी या गबन को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडीएस व्यवस्था में अनियमितता करने वालों पर पुलिस और प्रशासन की नजर है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।




